– लोहे का रैक गिरा, घायल मारुति ने नागपुर ले जाते समय दम तोड़ा
अरुण महाजन, कोराडी :- कोराडी स्थित 660 मेगावाट विद्युत केंद्र के यूनिट क्रमांक 10 में वार्षिक ओवरहॉल (रखरखाव एवं मरम्मत) कार्य के दौरान मंगलवार रात हादसा हो गया। लोहे का रैक गिरने से गंभीर रूप से घायल ठेका कर्मी महारकुडा, तह.अर्जुनी मोरगांव, जि.गोंदिया निवासी मारुति मेश्राम (61) की नागपुर ले जाते समय मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, यूनिट क्रमांक 10 में शटडाउन लेकर वार्षिक ओवरहॉल का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य का मुख्य ठेका लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) कंपनी के पास है, जिसने यह काम अढोरे कंपनी को दिया है। अढोरे कंपनी ने आगे का पेटी ठेका संपत रेड्डी को दिया था। कार्य के लिए लगाए गए ठेका कर्मियों के गेट पास एल एंड टी के माध्यम से बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। मंगलवार रात बॉयलर विभाग में कॉइल निकालने का काम चल रहा था। इस दौरान मारुति मेश्राम नीचे खड़े होकर रस्सी संभाल रहे थे, जबकि उनका पुत्र संदीप करीब 44 मीटर की ऊंचाई पर चेन ब्लॉक के जरिए काम कर रहा था। इसी दौरान रस्सी लोहे के रैक में फंस गई। रस्सी के खिंचाव से रैक असंतुलित होकर नीचे गिर गया और मारुति मेश्राम उसके नीचे आ गए। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

एम्बुलेंस पहुंचने में देरी:
हादसे के बाद साथी कर्मियों ने तत्काल रैक हटाकर मेश्राम को बाहर निकाला। उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए विद्युत केंद्र की एम्बुलेंस बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचने का आरोप है। करीब आधे घंटे तक इंतजार के बाद निजी वाहन की व्यवस्था की गई। बताया जा रहा है कि मेश्राम को विद्युत केंद्र परिसर से निजी वाहन द्वारा गंभीर हालत में नागपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उनका शव पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल में रखा गया है। घटना की जानकारी मिलने पर विद्युत केंद्र के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:
हादसे के बाद विद्युत केंद्र में कार्यरत ठेका कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, घायल कर्मी को समय पर एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता मिलने में कथित देरी की भी जांच की मांग की जा रही है।घटना की जानकारी कोराडी पुलिस को मंगलवार देर रात दी गई। पुलिस ने बुधवार को घटनास्थल और मेयो अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस हादसे के कारणों के साथ कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था, ठेका प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में हुई देरी समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
मारुति मेश्राम के परिवार में दो पुत्र हैं। उनका पुत्र संदीप भी उनके साथ कोराडी विद्युत केंद्र में ठेका कार्य कर रहा था। मेश्राम की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।





