त्रिशूर :- केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई। हादसा कैपामंगलम के पनम्बिक्कुन्नू सेंटर में राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर हुआ। छात्रों की कार सड़क निर्माण कार्य के चलते मोड़ के पास खड़े एक मालवाहक ट्रक से जा टकराई।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना रात करीब 11.42 बजे हुई। तमिलनाडु नंबर की कार गुरुवायूर की ओर से कोडुंगल्लूर की तरफ जा रही थी। इसी दौरान चालक का कार पर नियंत्रण नहीं रहा और कार सड़क पर खड़े ट्रक से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे जा फंसा और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल एवं बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दमकलकर्मियों को वाहन को काटना पड़ा। हादसे में कार सवार आठों छात्रों की मौत हो गई। मृतकों की उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। इनमें से पांच की पहचान सलेम निवासी विश्वा, डिंडीगुल निवासी सूर्या और युवा संजीत तथा मदुरै निवासी संतोष और प्रसन्ना के रूप में हुई है। अन्य तीन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने पहचान किए गए छात्रों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी छात्र डिंडीगुल स्थित पीएसएनए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थी थे और छुट्टियां मनाने के लिए केरल आए थे। आठ छात्रों की मौत की खबर से कॉलेज में शोक की लहर है। सहपाठी और कॉलेज प्रशासन भी सदमे में हैं। कैपामंगलम पुलिस ने शवों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मॉर्चरी में भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। इसके लिए घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे। मोटर वाहन विभाग के अधिकारी भी हादसे की जांच कर रहे हैं।
सड़क निर्माण और साइनबोर्ड पर सवाल
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी संकेत नहीं लगाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इलाके में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। निर्माण कार्य के कारण कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट किया गया है, लेकिन पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और स्पष्ट संकेत नहीं होने से बाहर से आने वाले वाहन चालकों को रात के समय मार्ग समझने में परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के समय इस क्षेत्र में पहले भी सड़क हादसे हो चुके हैं। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार, सड़क की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था या निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा संकेतों की कमी के कारण हुआ।





