– मुख्य सूत्रधार एमडी तस्कर विलाश गुप्ता व महिला आरोपी फरार
नागपुर :- भांडेवाड़ी थाना क्षेत्र के वाठोड़ा लेआउट स्थित श्रावणनगर में नगरसेवक शुभम मोटघरे के घर की बालकनी पर गोली चलाकर दहशत फैलाने के मामले में भांडेवाड़ी पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार एमडी तस्कर विलास गुप्ता उर्फ फली और एक महिला आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुश झनक तोमसकर (30), अमित मधुकर ठाकरे (22), ऋषभ उर्फ छोट्या विशाल नागदेवे (24), रोमित उर्फ पुल्ल्या मुनेश्वर वाहने (25), ऋषभ उर्फ कांचा भगवती पैथल (30), केतन दुर्गाप्रसाद माटे (24) और कार्तिक बबलू तोमसकर (24) के रूप में हुई है। सभी आरोपी नागपुर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
26 अगस्त की रात करीब 12.42 बजे शुभम मोटघरे के मकान की ऊपरी मंजिल की बालकनी पर कुछ अज्ञातों ने गोली चलाई थी। गोली बालकनी की रेलिंग में लगे कांच से टकराई, जिससे कांच टूटकर उसके टुकड़े घर के भीतर जा गिरे। घटना के समय मोटघरे हॉल में मौजूद थे। तेज आवाज सुनकर बाहर आने पर उन्हें फायरिंग का पता चला। उन्होंने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
दोपहिया वाहन पर आए थे दो हमलावर
घटना के बाद पुलिस ने घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में खंडवानी टाउन रोड से स्वामीनारायण मंदिर की ओर जाता एक दोपहिया वाहन दिखाई दिया, जिस पर दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस के अनुसार, पीछे बैठे व्यक्ति ने ही बालकनी की ओर गोली चलाई थी। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की विभिन्न यूनिट और साइबर सेल समेत 7 टीमें गठित की गईं। जांच टीमों ने 500 से अधिक निजी और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एआई तकनीक की मदद से फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्धों का हुलिया तैयार कर उनकी पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के गुजरात और छत्तीसगढ़ में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कथित तौर पर साजिश रचकर फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की जानकारी सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि दहशत निर्माण करने के उद्देश्य से सुपारी देकर फायरिंग की साजिश रची गई थी। वारदात से पहले आरोपी एक स्थान पर एकत्रित हुए थे और सभी की भूमिका तय की गई थी। पुलिस के अनुसार, फायरिंग करने वाले आरोपी अंकुश तोमसकर और वाहन चलाने वाले ऋषभ नागदेवे के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने के सबूत भी मिले हैं। आर्थिक लेन-देन की जांच जारी है।
पुलिस को सूचना देने की खुन्नस में फायरिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम मोटघरे परिसर में तस्करी में लिप्त कुछ लोगों के बारे में पुलिस को सूचना देते थे। इसी बात को लेकर उनके प्रति खुन्नस होने और बदला लेने के उद्देश्य से दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की साजिश रचे जाने की आशंका पुलिस ने जताई है। हालांकि, वारदात के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी साजिश का खुलासा मुख्य सूत्रधार विशाल गुप्ता और महिला आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही होने की संभावना है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल, सह पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन) दीपक अग्रवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त वैभव जाधव के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस टीमों ने की।





