– अतिरिक्त आयुक्त अंकित ने शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य के दिए निर्देश
नागपुर :- नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, विभिन्न रोग सर्वेक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक 7 सितंबर को अतिरिक्त आयुक्त अंकित की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.दीपक सेलोकर, माता व बाल संगोपन अधिकारी डॉ.सरला लाड, जोनल वैद्यकीय अधिकारी डॉ.जयश्री चन्ने, डॉ.सुनील कांबले, डॉ.गजानन पवाने, डॉ.वर्षा देवस्थले, एमएसयू के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ.मिथुन खेरडे, सूक्ष्मजीव विज्ञानी डॉ.संदीप भोयर, पीएचएन अर्चना खाडे, दीपाली गणोरकर, दीपाली नागरे, प्रफुल्ल किन्हीकर, क्षेत्र टीकाकरण नियंत्रण अधिकारी संदीप फुंडे, प्रमोद दहाट, सोनल सियाग, मोनाली बावनकर, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधक डॉ.चैती हटवार, डॉ.शुभांगी कुंभारे, डॉ.दिव्या बनकर, पूर्णकालिक वैद्यकीय अधिकारी डॉ.समीक्षा कलंबे, डॉ.मंजूषा सिनकर, डॉ.अक्षय पाटिल और एसयू के संवाद विशेषज्ञ स्नेहल करंजेकर सहित अन्य अधिकारी व विशेषज्ञ उपस्थित थे।
बैठक में नियमित टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष पात्र लाभार्थियों तक पहुंचकर शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए विशेष नियोजन करने के निर्देश जोनल वैद्यकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए। डॉ. सरला लाड ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाते हुए पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा करने तथा जन जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए। एचआईएमएस और यू-वीन पोर्टल पर ‘पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित’ में सामने आ रही विसंगतियों को दूर कर जुलाई-अगस्त 2026 की सभी लंबित प्रविष्टियां तत्काल पूर्ण करने को कहा गया। बैठक में एफपी सर्विलेंस के तहत संदिग्ध मरीजों के नमूने निर्धारित समय में प्रयोगशाला भेजने और संबंधित अस्पतालों से साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एमआर (तिजेल्स-रूबेला) सर्विलेंस के तहत संदिग्ध मरीजों के आवश्यक नमूने लेने तथा वीटीएम के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश अतिरिक्त आयुक्त अंकित ने दिए। वैक्सील प्रीवेंटेबल डिसिज (वीपीडी) सर्विलेंस के तहत जोनल वैद्यकीय अधिकारियों की एक्टिव केस सर्विलेंस विजिट का स्तर 89 प्रतिशत पाया गया। इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के लिए नियोजनबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में नागरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों की भी समीक्षा की गई। मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, समय पर संदर्भ सेवा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अंत में डॉ. दीपक सेलोकर ने सभी जोनल वैद्यकीय अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमित समीक्षा, बेहतर समन्वय और उचित नियोजन के माध्यम से टीकाकरण, रोग सर्वेक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने का आह्वान किया।





