– जनभागीदारी से शुरू हुआ सफाई अभियान, अब 2.80 करोड़ की निधि से होगा सौंदर्यीकरण
गोंदिया :- गोरेगांव शहर के बीच करीब 25 एकड़ में फैला ऐतिहासिक पवन तालाब अब धीरे-धीरे नए रूप में आकार ले रहा है। वर्षों तक उपेक्षा के बीच रहे इस तालाब के कायाकल्प की शुरुआत स्थानीय युवाओं और नागरिकों के श्रमदान से हुई। अब 2.80 करोड़ रुपये की शासकीय निधि मिलने से इसके विकास और सौंदर्यीकरण को गति मिलने की उम्मीद है।
पवन तालाब का गोरेगांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन से पुराना जुड़ाव है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, तालाब में पहले बड़ी मात्रा में पवन फूल पाए जाते थे, जिसके चलते इसका नाम पवन तालाब पड़ा। स्थानीय मान्यता के अनुसार संत गाडगे महाराज की स्मृतियां भी इस तालाब से जुड़ी हैं।…
2017 में हुई थी पहल
तालाब के कायाकल्प की पहल जनवरी 2017 में तत्कालीन नगराध्यक्ष आशीष बारेवार की पहल पर शुरू हुई। योग शिक्षक पुरुषोत्तम साकुरे और गायत्री परिवार के सहयोग से युवाओं ने श्रमदान अभियान चलाया। हाथों में फावड़े और घमेले लेकर युवाओं ने तालाब परिसर की सफाई और सुधार का काम शुरू किया। धीरे-धीरे इस अभियान से स्थानीय नागरिक भी जुड़ते गए।
श्रमदान का उद्देश्य तालाब परिसर को स्वच्छ बनाने के साथ उसे नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना था। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टहलने की जगह और बच्चों सहित अन्य नागरिकों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए गए।
2.80 करोड़ की निधि से बढ़ेगा दायरा
तालाब के व्यापक विकास के लिए शासकीय निधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन नगराध्यक्ष बारेवार ने विधायक विजय रहांगडाले के माध्यम से शासन स्तर पर प्रयास किए। इसके बाद वैशिष्ट्यपूर्ण योजना के तहत पवन तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 2.80 करोड़ रुपये मंजूर हुए। अब इस निधि से तालाब परिसर में आवश्यक विकास कार्य किए जाने हैं। भविष्य में बोटिंग सहित अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है।
श्रमदान से शासकीय योजना तक:
पवन तालाब का विकास स्थानीय युवाओं के श्रमदान से शुरू होकर अब शासकीय निधि तक पहुंच गया है। जनभागीदारी से शुरू हुई इस पहल को यदि प्रस्तावित विकास कार्यों का साथ मिलता है, तो पवन तालाब गोरेगांव में नागरिकों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक और मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।





