– नासिक से दिल्ली तक निकलेगी यात्रा, नागपुर की बैठक में घोषणा
नागपुर :- अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की ओर से रविवार को विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन, नागपुर में कार्यकारिणी पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, तालुकाध्यक्षों, शाखा प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक और संवैधानिक मुद्दों के साथ आगामी आंदोलन और संगठनात्मक विस्तार को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में 1 से 15 दिसंबर 2026 तक नासिक से दिल्ली तक प्रस्तावित ‘आदिवासी संघर्ष न्याय यात्रा’ के आयोजन पर विशेष चर्चा की गई। यात्रा के माध्यम से आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने, जनजागृति करने तथा संबंधित मांगों की ओर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने की बात कही गई। यात्रा में अधिक से अधिक पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला, तहसील और गांव स्तर पर तैयारी करने का आह्वान किया गया। बैठक में 2027 की जनगणना में आदिवासी समाज के लिए स्वतंत्र धर्म कॉलम रखने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में प्रदेश महासचिव केशवराव तिराणिक, प्रदेश अध्यक्ष तथा झारखंड की पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, मुख्य शाखा विदर्भ विभाग के अध्यक्ष चंद्रशेखर मडावी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष लक्की जाधव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद मसराम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा विदर्भ के विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष, जिला व तहसील पदाधिकारी, शाखा प्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। नागपुर शहर कार्यकारिणी की ओर से सौरभ पेंदाम, महासचिव द्विनेश धुर्वे, विदर्भ सहसचिव साहिल मडावी और विदर्भ महासचिव अजय कुंभारे सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में राहुल मोहन मडावी ने उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।





