नागपुर :- साइबर अपराधियों ने एनआईए अधिकारी बनकर 82 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग को डराया-धमकाया और करीब 87 लाख 50 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। आरोपियों ने बुजुर्ग को दिल्ली बम ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी देकर कई दिनों तक वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। इस दौरान उन्हें कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दिया गया।
पीड़ित धरमपेठ के खरे टाउन निवासी (82) वर्षीय बुजर्ग को 1 सितंबर को एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए के एटीएस विभाग का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित का नाम दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में सामने आया है और उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते के एटीएम कार्ड से 2.50 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। इसमें 25 लाख रुपए कमीशन मिलने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी बैंक स्टेटमेंट, वीजा कार्ड और आरबीआई वारंट भेजकर पीड़ित और उनकी पत्नी को लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। आरोपियों ने तीन अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर आरटीजीएस के जरिए कुल 87.50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। मामले में साइबर थाने में ठगी का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने व्हाट्सऐप नंबरों और बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।




