– आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और डिजिटल सुविधाएं देने पर जोर
नागपुर :- महाराष्ट्र राज्य अनुदानित आदिवासी आश्रम स्कूल एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन नागपुर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में आश्रम स्कूलों, संस्था संचालकों और आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा एआई और डिजिटल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आश्रम स्कूलों के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव:
बावनकुले ने कहा कि आश्रम स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए संस्था संचालकों के प्रतिनिधियों, आदिवासी विकास विभाग के आयुक्त और सचिव को शामिल कर समन्वय समिति गठित करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आश्रम स्कूलों और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए नियमित मासिक बैठकें आयोजित किए जाने की बात भी कही।
सम्मेलन में संस्था प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगें रखीं। इनमें जांच के बिना संस्था प्रमुखों पर आपराधिक कार्रवाई रोकना, पवित्र पोर्टल के माध्यम से उपयुक्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर संस्था स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति की अनुमति देना, चतुर्थ श्रेणी के पदों को पूर्ण वेतनमान पर भरना, प्रवेश के लिए 80 किलोमीटर की शर्त हटाना तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक साहित्य और आकस्मिक अनुदान में वृद्धि करना शामिल है।
नए पदाधिकारियों का चुनाव
सम्मेलन में किशोर वानखेडे को एसोसिएशन का प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक टेकचंद सावरकर को कार्याध्यक्ष चुना गया। सम्मेलन में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से करीब 500 संस्था प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर लंबित मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।



