– चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर बनेगी रणनीति
– कई दलों के नेता दिल्ली पहुंचे
नई दिल्ली :- विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोप और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक से पहले विभिन्न दलों के नेताओं के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। कुछ नेता बैठक में प्रत्यक्ष, जबकि कुछ ऑनलाइन शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस इस बैठक के जरिए चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से बड़ा आंदोलन करना चाहती है। बैठक में विपक्षी नेताओं से सुझाव लेकर आगामी प्रदर्शनों और आंदोलन की रूपरेखा तय की जा सकती है। कांग्रेस की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। पार्टी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया तत्काल रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग की है।
कांग्रेस का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत करीब 13 करोड़ 30 लाख मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, यह कांग्रेस का आरोप है और इन दावों पर संबंधित चुनाव प्राधिकरण का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्रवाई शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बिना संभव नहीं थी। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयुक्तों की ओर से कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र के बाद प्रधानमंत्री को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था।
बैठक से पहले दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रणनीति को लेकर पोस्टर भी लगाए गए हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंच गई हैं। बैठक में कौन-कौन से दल और नेता शामिल होते हैं तथा एसआईआर और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष के बीच कितनी सहमति बनती है, इस पर नजर रहेगी।




