– मृतकों में एक ही परिवार की सात बच्चियां शामिल
– 15 वर्षीय किशोरी ने बचाईं दो जानें
वैशाली (बिहार) :- बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव डूबने से बड़ा हादसा हो गया। दुर्घटना में 13 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की उम्र 6 से 15 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें एक ही परिवार की सात बच्चियां शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मृतक बच्चों के परिवारों में मातम छा गया। सात बच्चों को सुरक्षित बचाकर पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। लापता लोगों की तलाश के लिए सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है।

श्राद्ध का भोज खाने जा रहे थे बच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामपुर श्यामचंद गांव के एक टोले के बच्चे गंगा नदी के उस पार सिंहेश्वर राय के घर श्राद्ध का भोज खाने जा रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। ग्रामीणों ने बताया कि नाव छोटी और जर्जर थी। उस पर 15 से 20 लोग सवार थे। अधिक लोगों के सवार होने के कारण नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय निवासी मनीष कुमार के अनुसार, नाव में सवार बच्चे एक ही गोतिया यानी परिवार से जुड़े थे। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सभी को नहीं बचाया जा सका।
13 बच्चों के शव बरामद, सात को बचाया:
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने हादसे में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सभी बच्चे निजी नाव से नदी पार कर भोज में शामिल होने जा रहे थे। नाव पलटने के बाद स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। हादसे में सात बच्चों को बचाकर एनएमसीएच भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई।
हालांकि, हादसे के बाद मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव गांव में ही रोक लिए और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
मृतकों में सात बच्चियां एक ही परिवार की:
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान अंकिता कुमारी, अमृता कुमारी, सुनीता कुमारी, पिंकी कुमारी, आर्यन कुमार, अनीशा कुमारी, मोनू कुमारी, सिंकी कुमारी, मीरा कुमारी, निशु कुमारी, मोहन कुमार, सोनम कुमारी और नमन कुमार के रूप में हुई है। मृतकों में सात बच्चियां एक ही परिवार की बताई गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।








