– 388 शिकायतों की जांच में साइबर पुलिस की कार्रवाई
नागपुर :- नागरिकों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर खोले गए बैंक खातों के जरिए साइबर अपराधियों द्वारा 103 करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में नागपुर साइबर पुलिस ने 388 शिकायतों की जांच के बाद विभिन्न राज्यों से गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि साइबर ठगी से प्राप्त रकम को आरोपियों ने मिलीभगत कर अलग-अलग बैंक खातों में जमा किया और फिर अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया। इसके लिए नागरिकों के पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर खोले गए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर किया जा रहा था। पिछले दो वर्षों के दौरान नागपुर साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस ने इस तरह के मामलों में कार्रवाई की है। जांच के दौरान महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, राजस्थान, गोवा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल की गई। इसी जांच के आधार पर विभिन्न राज्यों से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
3.20 करोड़ रुपये फ्रीज, 1.75 करोड़ पीड़ितों को लौटाए
साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने के लिए नागपुर पुलिस मनी रिस्टोरेशन मैकेनिज्म (एमआरएम) और ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (जीआरएम) प्रणाली का उपयोग कर रही है। पुलिस के अनुसार, चालू वर्ष में इन प्रणालियों के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में कुल 3 करोड़ 20 लाख 68 हजार रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए हैं। इनमें से 1 करोड़ 75 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस ट्रांसफर किए जा चुके हैं। शेष रकम न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को लौटाई जाएगी।








