– सुधाकर कोहले के आवेदन पर चुनाव प्रशासन का फैसला
नागपुर :- नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में अवैध घोषित किए गए 15,032 मतपत्रों की दोबारा जांच कराने की भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले की मांग को चुनाव प्रशासन ने खारिज कर दिया। प्रशासन के अनुसार, मतपत्रों को अवैध घोषित करने से पहले उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखाया गया था। इसी प्रक्रिया के आधार पर कोहले का आवेदन नामंजूर किया गया।
चुनाव प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, मतगणना के दौरान सभी उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संबंधित मतपत्रों की जांच की गई थी। इसके बाद ही उन्हें अवैध घोषित किया गया। कोहले ने इन मतपत्रों की दोबारा जांच की मांग करते हुए आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया।

मतपत्रों में गलत तरीके से दर्ज की गई प्राथमिकताएं
मतगणना के दौरान कुछ मतपत्र खाली पाए गए, जबकि कुछ में प्राथमिकता क्रम का अंक लिखने के बजाय निशान बनाए गए थे। कई मतदाताओं ने अंकों के चारों ओर गोला बनाया, तो कुछ ने उम्मीदवार की तस्वीर के पास प्राथमिकता क्रम दर्ज किया। कुछ मतपत्रों में पहली प्राथमिकता के लिए उम्मीदवार के सामने ‘2’ लिखा गया, जबकि कुछ मतदाताओं ने उम्मीदवार के क्रमांक को ही प्राथमिकता क्रम मानकर दर्ज कर दिया। निर्धारित नियमों के अनुसार मत दर्ज नहीं होने के कारण ऐसे मतपत्र अवैध घोषित किए गए।
कोहले ने जताई थी दोबारा जांच की उम्मीद
भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने दावा किया था कि अवैध घोषित मतपत्रों में उनके पक्ष में दर्ज कुछ मत भी शामिल हो सकते हैं। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव प्रशासन से दोबारा जांच की मांग की थी। हालांकि, प्रशासन ने उनका आवेदन खारिज कर दिया।
नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। निर्वाचन क्षेत्र में 2,55,603 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 1,65,672 ने मतदान किया। जीत के लिए 75,438 वोटों का कोटा निर्धारित था। अंतिम परिणाम में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने 67,231 वोट हासिल कर भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से पराजित किया।








