spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

41 घंटे की मतगणना, कभी बढ़त तो कभी पिछड़ने का दौर

– पहली पसंद के वोटों से लेकर वरीयता क्रम की गणना तक बदलते रहे समीकरण

नागपुर :-  कौन आगे है, कौन पीछे और आखिर जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा? नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम को लेकर यह उत्सुकता लगातार 41 घंटे तक बनी रही। मतगणना शुरू होने से लेकर अंतिम नतीजे की घोषणा तक जीत के समीकरण बदलते रहे। पहली पसंद के वोटों की गिनती में कभी कांग्रेस के अभिजीत वंजारी आगे रहे, तो कभी भाजपा के सुधाकर कोहले ने बढ़त बनाई। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया के तहत बाहर हुए उम्मीदवारों की मतपत्रों पर दर्ज अगली पसंद के वोटों की गणना ने परिणाम की तस्वीर बदल दी। आखिरकार अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की।

कब शुरू हुई मतगणना और क्यों बढ़ता गया इंतजार?

नागपुर के मानकापुर स्थित विभागीय क्रीड़ा संकुल में 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। मतगणना की आवश्यक व्यवस्था और मतपत्रों की छंटनी के कारण प्रक्रिया में समय लगा। पहली पसंद के वोटों की पहले राउंड का रुझान रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ। हालांकि, अंतिम नतीजे के लिए अगले दिन तक इंतजार करना पड़ा। लंबी मतगणना के चलते राजनीतिक दलों के साथ ही समर्थकों की उत्सुकता भी लगातार बढ़ती रही।

पहले राउंड में वंजारी को मिली थी बढ़त

पहले राउंड में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को 28,998 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुधाकर कोहले को 28,071 वोट प्राप्त हुए। इस तरह वंजारी 927 वोटों से आगे थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 14,708 वोट मिले। हालांकि, अगले राउंड में कोहले ने बढ़त हासिल कर ली, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया। दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच लगातार बदलती स्थिति के कारण अंतिम परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी रही।

वरीयता क्रम के मतों ने बदला जीत का गणित

पहली पसंद के वोटों की गिनती 84 टेबलों पर की गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जीत के लिए आवश्यक वोटों का कोटा पूरा नहीं होने पर कम मत पाने वाले उम्मीदवारों को क्रमशः बाहर किया गया और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली पसंद के वोटों की गणना की गई।

शुरुआत में यह प्रक्रिया एक टेबल पर की जा रही थी। बाद में आवश्यकता के अनुसार टेबलों की संख्या बढ़ाई गई। बाहर हुए उम्मीदवारों के मतपत्रों से मिलने वाले दूसरी और आगे की वरीयता के वोटों पर दोनों प्रमुख उम्मीदवारों की जीत-हार का गणित निर्भर करने लगा। इन वोटों के हस्तांतरण से वंजारी की स्थिति मजबूत होने की संभावना पर सभी की नजरें टिकी थीं। आखिरकार सभी संबंधित वोटों की गणना के बाद परिणाम स्पष्ट हुआ।

मतगणना केंद्र पर भी बना रहा तनाव

मतगणना के दौरान केंद्र के प्रवेश द्वार पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता कई बार आमने-सामने आए। नारेबाजी के कारण तनाव की स्थिति बनने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुन्ना यादव सहित कुछ नेताओं का प्रवेश पत्र को लेकर पुलिस के साथ विवाद भी हुआ। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए व्यवस्था बनाए रखी।

3,271 वोटों से वंजारी ने दर्ज की जीत

करीब 41 घंटे तक चली लंबी मतगणना के बाद कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को विजयी घोषित किया गया। उन्होंने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से पराजित किया। वंजारी को पहली और दूसरी वरीयता के वोटों को मिलाकर कुल 67,231 मत मिले, जबकि कोहले को 63,960 मत प्राप्त हुए।

इस तरह बदलते रुझानों, लंबी मतगणना और वरीयता क्रम के वोटों की निर्णायक भूमिका के बीच नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम सामने आया और दो दिनों से जारी राजनीतिक उत्सुकता पर विराम लगा।

Popular Articles