– कलमना और इतवारी रेलवे लाइन पर यातायात में बदलाव
नागपुर :- रेल और सड़क यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत कलमना-नागपुर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी जंक्शन-नागपुर रेलवे मार्ग पर स्थित दो रेलवे क्रॉसिंग को स्थायी रूप से बंद किया जाएगा। आगामी 10 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे से इन दोनों रेलवे गेटों से सभी प्रकार के सड़क यातायात पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा। इसके बाद वाहन चालकों को आवागमन के लिए नवनिर्मित फ्लाईओवर का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, कलमना-नागपुर रेलखंड पर स्थित गेट क्रमांक 570 (किमी 1128/6-8) और इतवारी-नागपुर रेलखंड पर स्थित गेट क्रमांक 572 (किमी 1128/33-35) को स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। इन दोनों रेलवे क्रॉसिंग का उपयोग आसपास के नागरिकों के साथ ही नियमित रूप से आवागमन करने वाले वाहन चालक करते हैं। ऐसे में इन गेटों के बंद होने से संबंधित क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था में बदलाव आएगा।
दोनों गेटों से सभी वाहनों की आवाजाही बंद
10 नवंबर को सुबह 10 बजे के बाद दोनों रेलवे गेटों से किसी भी प्रकार के सड़क यातायात को गुजरने की अनुमति नहीं होगी। इसमें दुपहिया, चारपहिया, भारी वाहन सहित सभी श्रेणियों के वाहन शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद इन क्रॉसिंग से आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
फ्लाईओवर बनेगा वैकल्पिक मार्ग
दोनों रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों को अब नवनिर्मित फ्लाईओवर के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से रेलवे फाटकों पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतारों और यातायात की भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बार-बार रेलवे गेट बंद होने से यात्रियों को होने वाली परेशानी और रेल परिचालन से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों में भी कमी आएगी।
रेलवे प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों, वाहन चालकों और नियमित यात्रियों से अपील की है कि वे 10 नवंबर से लागू होने वाले इस बदलाव को गंभीरता से लें। दोनों रेलवे गेट स्थायी रूप से बंद होने के बाद केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्ग यानी नवनिर्मित फ्लाईओवर का ही उपयोग करें। वाहन चालक अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी का सामना न करना पड़े। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय से संबंधित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों को नए मार्ग के अनुसार अपनी आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी।








