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आधी रात का शिकारी सुबह पिंजरे में कैद!

<p><strong>&&num;8211&semi; हिंगना &lpar;बारा&rpar; में वन विभाग की कार्रवाई&comma; वाघोडा के बाद दूसरी सफलता<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर&sol;पारशिवनी &colon;-<&sol;strong> à¤ªà¤¾à¤°à¤¶à¤¿à¤µà¤¨à¥€ वनपरिक्षेत्र के वन विभाग ने एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को टालने में सफलता हासिल की है। वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत मौजा हिंगना &lpar;बारा&rpar; में पिछले कई दिनों से सक्रिय तेंदुए को मंगलवार&comma; 4 नवंबर की सुबह करीब 5&colon;30 बजे वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया। वन विभाग की इस दूसरी सफल कार्रवाई से हिंगना &lpar;बारा&rpar; सहित आसपास के गांवों के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। इससे पहले वाघोडा क्षेत्र में भी वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की थी।<&sol;p>&NewLine;<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार&comma; सह&period;वनक्षेत्र पारशिवनी के बीट भागेमहरी अंतर्गत हिंगना &lpar;बारा&rpar;&comma; वाघोडा&comma; साहोली&comma; डोरली और सिंगोरी सहित आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की लगातार आवाजाही देखी जा रही थी। रिहायशी इलाकों के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। खेतों में काम करने वाले किसानों&comma; मजदूरों और सुबह-शाम आवागमन करने वाले नागरिकों में विशेष रूप से दहशत थी। तेंदुए के गांव की ओर आने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।<img class&equals;"alignnone wp-image-71946 size-full" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;insidernewstoday&period;in&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;11&sol;ParshivaniGramin&lowbar;copy&lowbar;800x600&period;webp" alt&equals;"" width&equals;"800" height&equals;"600" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए वनपरिक्षेत्र अधिकारी राहुल शिंदे ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए आरआरटी&period; &lpar;रैपिड रेस्क्यू टीम&rpar; को मौके पर बुलाया। इसके बाद वनपरिक्षेत्र अधिकारी राहुल शिंदे के मार्गदर्शन तथा उपवनक्षेत्र अधिकारी जीवनप्रकाश मेंढे के समन्वय में तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया गया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेकर उचित स्थान पर पिंजरा लगाया और लगातार निगरानी रखी। आखिरकार मंगलवार सुबह करीब 5&colon;30 बजे तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी राहत महसूस की। इसके बाद वन अधिकारियों ने आवश्यक सुरक्षा उपाय करते हुए तेंदुए को सुरक्षित तरीके से नागपुर स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर भेज दिया। वहां उसकी चिकित्सकीय जांच और आवश्यक उपचार किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार&comma; फिलहाल तेंदुए की प्रकृति स्थिर है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>वन विभाग और पुलिस के संयुक्त प्रयास सफल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>इस अभियान को सफल बनाने में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आरआरटी&period; की टीम&comma; पारशिवनी पुलिस तथा स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अभियान में वनरक्षक प्रकाश कालेकर&comma; अक्षय जाधव&comma; शिवशंकर पिल्लेवान&comma; सूरज बेले&comma; दीपाली नान्हे&comma; शुभांगी कुरंजेकर&comma; संदीप धुर्वे&comma; अमोल गडगिडे&comma; राजेश सानूले&comma; मेघा धानोडे&comma; व्यंकट कुंभरे&comma; अमित मेश्राम&comma; पंकज शेंद्रे और सागर कोहले ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा वन मजदूरों और आरआरटी&period; के सदस्यों ने भी अभियान में सहयोग किया।<&sol;p>&NewLine;<p>पारशिवनी पुलिस के जवानों&comma; पूर्व सरपंच कृष्णा चिखले&comma; पुलिस पाटिल गेडाम तथा हिंगना गांव के नागरिकों ने भी अभियान के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान किया। सभी के समन्वित प्रयासों के चलते तेंदुए को बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित पकड़ने में सफलता मिली।<&sol;p>&NewLine;