Related Posts

मेयो में रेजिडेंट डॉक्टर से मारपीट

<p><strong>&&num;8211&semi; कॉलर पकड़कर बेड पर पटका&comma; गंभीर मरीज को पहले देखने पर भड़के परिजन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात सेवाएं देने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल &lpar;मेयो&rpar; में मरीज के परिजनों द्वारा एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। सर्जरी विभाग में गंभीर मरीज को प्राथमिकता के आधार पर जांचने से नाराज परिजनों ने रेजिडेंट डॉक्टर डॉ&period; समीर चांदेकर के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोपियों ने डॉक्टर का कॉलर पकड़कर उन्हें अस्पताल में रखे बेड पर धकेल दिया और घूंसा भी मारा। इस घटना से अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई।<&sol;p>&NewLine;<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार&comma; बुधवार दोपहर मेयो अस्पताल के सर्जरी विभाग में एक मरीज को उपचार के लिए लाया गया था। इसी दौरान एक अन्य गंभीर मरीज भी अस्पताल पहुंचा। उसकी स्थिति को देखते हुए रेजिडेंट डॉक्टर डॉ&period; समीर चांदेकर ने पहले उसकी जांच शुरू की। चिकित्सा की दृष्टि से गंभीर मरीज को प्राथमिकता देना आवश्यक होने के बावजूद पहले से मौजूद मरीज के परिजनों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पहले उनके मरीज की जांच की जाए और उसके बाद दूसरे मरीज को देखा जाए।<&sol;p>&NewLine;<p>इसी बात को लेकर डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और परिजनों ने कथित तौर पर डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर का कॉलर पकड़कर उन्हें खींचा और अस्पताल में रखे बेड पर धकेल दिया। इतना ही नहीं&comma; डॉक्टर को घूंसा भी मारा गया। अस्पताल में अन्य मरीजों और उनके परिजनों के सामने हुई इस घटना से हड़कंप मच गया।<&sol;p>&NewLine;<p>घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि मारपीट में शामिल मरीज के परिजन पुलिस विभाग से जुड़े हैं। हालांकि&comma; इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>अस्पताल प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायत<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>घटना की जानकारी मिलते ही मेयो के अधिष्ठाता डॉ&period; अविनाश गावंडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। वहीं&comma; चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; नितिन शेंडे ने तहसील पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>मार्ड ने की कड़ी कार्रवाई की मांग<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स &lpar;मार्ड&rpar; ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों के साथ इस तरह की घटनाएं उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं। मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों का सुरक्षित वातावरण में काम करना भी जरूरी है। मेयो की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।<&sol;p>&NewLine;