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सुतली बम और तेज आवाज वाले पटाखों पर HC सख्त

<p><strong>&&num;8211&semi; 55 डेसिबल पार तो होगी कार्रवाई&comma;जोन-3 के डीसीपी को मौखिक आदेश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>दीपावली के दौरान ध्वनि प्रदूषण और पटाखों की बिक्री में नियमों के उल्लंघन को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। 55 डेसिबल से अधिक आवाज करने वाले पटाखों और खतरनाक सुतली बम की खुलेआम बिक्री तथा पटाखा दुकानों के बीच निर्धारित दूरी के नियमों का उल्लंघन किए जाने पर अदालत ने पुलिस प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।<&sol;p>&NewLine;<p>बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की खंडपीठ ने जोन-3 के पुलिस उपायुक्त को नियमों का उल्लंघन करने वाले पटाखा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मौखिक आदेश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि 55 डेसिबल से अधिक आवाज वाले पटाखों की बिक्री करने वालों को किसी भी स्थिति में नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जा सकती।<&sol;p>&NewLine;<p>सुनवाई के दौरान अदालत मित्र अधिवक्ता अब्दुल सुभान ने तस्वीरों के माध्यम से शहर में पटाखों की दुकानों पर हो रहे नियमों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अदालत के ध्यान में लाया कि नियमानुसार दो पटाखा दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होना अनिवार्य है। इसके बावजूद शहर में कई स्थानों पर दुकानें एक-दूसरे से सटाकर लगाई गई हैं। इससे सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी होने के साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।<&sol;p>&NewLine;<p>प्रस्तुत तस्वीरों और दलीलों को गंभीरता से लेते हुए खंडपीठ ने पुलिस प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>ऑनलाइन शिकायतों पर देरी से हाईकोर्ट नाराज<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>ध्वनि प्रदूषण को लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी पर भी हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है&comma; लेकिन पुलिस की ओर से तकनीकी कारणों का हवाला दिया जा रहा है। इस पर अदालत ने पुलिस आयुक्त को पूरे मामले की स्वयं जांच करने के मौखिक निर्देश दिए।<&sol;p>&NewLine;<p>खंडपीठ ने पुलिस आयुक्त को हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि शहर में 55 डेसिबल की निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले पटाखा विक्रेताओं और थोक कारोबारियों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>विशेष दस्ते बनाकर नियमित निरीक्षण के निर्देश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>अदालत ने दोहराया कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस को विशेष दस्तों का गठन कर पटाखों की दुकानों का नियमित निरीक्षण करना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;<p>हाईकोर्ट की इस सख्ती से दीपावली के दौरान तेज आवाज वाले पटाखों की बिक्री और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।<&sol;p>&NewLine;