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क्या महाभियोग से छीन जाएगी डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी?

<p><strong>नई दिल्ली &colon;-<&sol;strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मिडटर्म चुनाव के नतीजे बड़ा राजनीतिक झटका लेकर आए हैं। रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण खो दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन के सामने आने वाले दो साल में कई राजनीतिक और कानूनी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।<&sol;p>&NewLine;<p>चुनाव से पहले ट्रंप ने खुद रिपब्लिकन सांसदों को चेतावनी दी थी कि अगर पार्टी मिडटर्म चुनाव हारती है&comma; तो डेमोक्रेट्स उन्हें महाभियोग के जरिए राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश करेंगे।<&sol;p>&NewLine;<p>6 जनवरी 2026 को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के रिपब्लिकन सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था&comma; &&num;8220&semi;आपको मिडटर्म चुनाव जीतने ही होंगे। अगर हम चुनाव नहीं जीतते हैं&comma; तो वे मुझे महाभियोग के जरिए पद से हटाने का कोई न कोई बहाना ढूंढ लेंगे।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>अब चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या डेमोक्रेट्स तीसरी बार ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ला सकते हैं&quest; क्या इस बार उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटाया जा सकता है&quest;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>डेमोक्रेट्स को मिला महाभियोग चलाने का अधिकार<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>अमेरिकी कांग्रेस के दो सदन हैं- सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स। राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के पास है।<&sol;p>&NewLine;<p>चुनाव से पहले इस सदन में रिपब्लिकन पार्टी को 218-214 सीटों के मामूली अंतर से बहुमत हासिल था। लेकिन मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने 218 सीटों का जरूरी आंकड़ा पार कर लिया। इससे उन्हें सदन में बहुमत मिल गया है।<&sol;p>&NewLine;<p>इस बहुमत के साथ डेमोक्रेट्स ट्रंप और उनके प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। हालांकि&comma; केवल महाभियोग प्रस्ताव पारित होने से राष्ट्रपति को पद से नहीं हटाया जा सकता। इसके लिए सीनेट में भी सुनवाई होती है। राष्ट्रपति को दोषी ठहराने और पद से हटाने के लिए सीनेट में मौजूद सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की जरूरत होती है। यानी केवल साधारण बहुमत से यह संभव नहीं है।<&sol;p>&NewLine;