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न्यूजीलैंड में नौकरी और पढ़ाई का नया रास्ता, भारत के साथ FTA लागू

<p><strong>नई दिल्ली &colon;-<&sol;strong> जब भारत और न्यूजीलैंड की बात आती है&comma; तो सबसे पहले क्रिकेट का खयाल आता है। हालांकि&comma; इन दोनों देशों के बीच एक और अहम संबंध भी है जो उनकी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि&comma; दोनों देशों के बीच राजनीतिक&comma; व्यापारिक और शैक्षणिक समझौते भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।<&sol;p>&NewLine;<p>ये समझौते व्यापार और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। अक्टूबर 2026 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता हुआ। हालांकि बातचीत काफी पहले शुरू हो गई थी&comma; लेकिन यह समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>भारत-न्यूजीलैंड FTA क्या है&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते &lpar;FTA&rpar; के बारे में बताता है&comma; जो 20 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ। तो आइए आपको बताते है कि मुक्त व्यापार समझौता क्या है&comma; यह कैसे काम करता है&comma; और इसका दोनों देशों पर क्या प्रभाव पड़ता है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>मुक्त व्यापार समझौता &lpar;FTA&rpar; क्या है&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>आमतौर पर&comma; जब कोई देश दूसरे देश को सामान बेचता है&comma; तो सामान मंगाने वाला देश कुछ अतिरिक्त कर लगाता है&comma; जिन्हें &&num;8216&semi;टैरिफ&&num;8217&semi; &lpar;tariffs&rpar; कहा जाता है। मुक्त व्यापार समझौता दो देशों के बीच एक आधिकारिक अनुबंध होता है&comma; जिसका उद्देश्य इन अतिरिक्त करों को कम करना या हटाना है&comma; ताकि दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार करना तथा श्रमिकों का आना-जाना आसान और सस्ता हो सके।<&sol;p>&NewLine;<p>इस समझौते के लिए औपचारिक बातचीत 16 मार्च 2025 को भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के बीच शुरू हुई। बातचीत फिर से शुरू होने के बाद&comma; दोनों देशों ने केवल 6 महीनों में इस समझौते को अंतिम रूप दे दिया&comma; और 19 महीने बाद यह लागू हो गया।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार की स्थिति<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>व्यापार की मात्रा&colon; भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022–23 में 1 बिलियन डॉलर को पार कर गया था। 2023–24 में यह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था&comma; जिसके बाद इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। समझौते से पहले कर की स्थिति&colon; न्यूजीलैंड भारतीय उत्पादों पर औसतन केवल 2&period;3&percnt; कर लगाता था&comma; जबकि भारत न्यूजीलैंड के उत्पादों पर 17&period;8&percnt; का काफी अधिक औसत कर लगाता था। वर्तमान में&comma; भारत न्यूजीलैंड के लिए 9वां सबसे बड़ा निर्यात बाजार है।<&sol;p>&NewLine;