बॉलीवुड के 6 सीन्स जिन्होंने दीवाली को बनाया यादगार

<p>दस्तक दे रहा है रोशनी और खुशियों से सजा त्योहार दीवाली। भारतीय संस्कृति और त्योहारों को पूरे धूमधाम से दर्शाने वाले हिंदी सिनेमा में दीवाली को भी मिला है भरपूर स्थान। कहीं बेटे की घरवापसी तो कहीं सारे बंधन तोड़कर नाचते-गाते कलाकारों से सजी है सिनेमा की दीवाली। दर्शकों के दिलों में बसे सिल्वर स्क्रीन वाले दीवाली के दृश्यों पर आलेख&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>दिलवाले की दीवाली<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार पलों में &&num;8216&semi;कभी खुशी कभी गम&&num;8217&semi; का दीवाली वाला दृश्य हमेशा शीर्ष पर रहता है। जब हेलीकाप्टर से राहुल &lpar;शाह रुख खान&rpar; की घर वापसी होती है और मां &lpar;जया बच्चन&rpar; बिना देखे ही आरती की थाली के साथ अपने बेटे के उपस्थिति को महसूस कर लेती हैं। आरती की थाल लिए जया बच्चन और शाह रुख खान के वह मिलन का दृश्य मातृत्व के असीम प्रेम&comma; परिवार की गर्माहट और घर लौटने की खुशी का सबसे पावन प्रतीक बन जाता है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>असली मजा आए सबके साथ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>भारतीय परंपराओं से जुड़े दृश्यों की बात हो और राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों का जिक्र न हो&comma; यह मुश्किल है। सूरज बड़जात्या की सिनेमाई दुनिया में उत्सव सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं&comma; बल्कि भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत दस्तावेज होते हैं। दीवाली का ऐसा ही एक दृश्य आता है फिल्म &&num;8216&semi;हम आपके हैं कौन&&num;8217&semi; में। जहां आतिशबाजी के साथ स्वागत होता है राजेश &lpar;मोहनीश बहल&rpar; का और सारा परिवार मिलकर गीत गाता है &&num;8216&semi;धिक ताना धिक ताना धिक ताना।&&num;8217&semi;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>दिल मिले और दीप जले<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>यशराज प्रोडक्शन की फिल्म &&num;8216&semi;मोहब्बतें&&num;8217&semi; का वह ट्विस्ट जब गुरुकुल के सख्त और अनुशासन के नियमों के बीच दीवाली का जश्न ऐतिहासिक बगावत में बदल जाता है। फिल्म के युवा जोड़े- समीर &lpar;जुगल हंसराज&rpar;&comma; इशिका &lpar;शमिता शेट्टी&rpar;&comma; करण &lpar;जिमी शेरगिल&rpar;&comma; किरण &lpar;प्रीति झंगियानी&rpar;&comma; विक्की &lpar;उदय चोपड़ा&rpar; और संजना &lpar;किम शर्मा&rpar;- पारंपरिक लिबास में इस जश्न में डूबे फिल्म के सुपरहिट गीत &&num;8216&semi;पैरों में बंधन है&comma; पायल ने मचाया शोर&&num;8230&semi;&&num;8217&semi; के साथ करते हैं अपने प्यार का इजहार और दूसरी तरफ नारायण शंकर &lpar;अमिताभ बच्चन&rpar; को पता चल जाती है राज आर्यन &lpar; शाह रुख खान&rpar; की सच्चाई।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>ये पैसा बोलता है<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>मध्यमवर्गीय परिवारों में दीवाली की तैयारियों और बजट के बीच उलझनों दिखाती फिल्म है &&num;8216&semi;आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया&&num;8217&semi; का गीत &&num;8216&semi;आई है दिवाली सुनो जी घरवाली&&num;8230&semi;&&num;8217&semi;। दीवाली के त्योहारी उल्लास और रोजमर्रा की आर्थिक तंगी के बीच तालमेल बिठाने की एक बेहद प्यारी और मनोरंजक मिसाल पेश करता है&comma; जब सब पड़ोसी मिलकर मनाते हैं दीवाली का त्योहार।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>तुझे सब है पता मेरी मां<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>आमिर खान और बाल कलाकार दर्शील सफारी की बहुचर्चित फिल्म &&num;8216&semi;तारे जमीन पर&&num;8217&semi; का बेहद मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाला पल दीवाली की पृष्ठभूमि पर आधारित है। जब सब लोग दीवाली की खुशी मना रहे होते हैं&comma; तब बोर्डिंग स्कूल के अनजाने और कड़े माहौल के बारे में सोचकर डर रहा ईशान अकेला बैठा होता है। पड़ोसी बच्चों के बीच बोर्डिंग स्कूल के नाम पर चिढ़ाने की वजह से ईशान जलते हुए पटाखे की लड़ी उठाकर जाहिर करता है अपना गुस्सा।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>जब छूटे हंसी के रॉकेट<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>एक्शन फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी की &&num;8216&semi;गोलमाल3&&num;8217&semi; में दीवाली को मजेदार दृश्य के साथ दिखाया है। जब फिल्म में जानी लीवर के किरदार को भूलने की बीमारी होती है और वो बड़ी स्टाइल से चलते हुए होली की बधाई देता है और ऊटपटांग बातें करता है। बात कुछ ऐसी बनती-बिगड़ती है कि होने लगती है दो गुटों की सजाई गई पटाखों की दुकानों के बीच आतिशबाजी&comma; जिससे छूटने लगते हैं पटाखे और राकेट। आज भी यह सीन हर साल दीवाली पर खूब वायरल होता है।<&sol;p>&NewLine;