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व्हाइट केन डे के अवसर पर आत्मदीपम सोसायटी और महा मेट्रो का संयुक्त उपक्रम

*महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड*

(नागपुर मेट्रो रेल परियोजना)

• सिताबर्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन पर दृष्टिबाधितों के लिए सुविधाओं की जानकारी और जनजागरूकता का संदेश

नागपुर :-  आत्मदीपम सोसायटी, नागपुर और महा मेट्रो नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में व्हाइट केन डे उत्साहपूर्वक और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए सिताबर्डी इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन पर मनाया गया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित नागरिकों की आवश्यकताओं, अधिकारों और उनके पुनर्वास हेतु आवश्यक उपायों पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में आत्मदीपम सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती जिज्ञासा चवलढाल ने संस्था के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा, “हम केवल दृष्टिबाधितों को कंप्यूटर शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके समग्र विकास और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। अब तक 140 से अधिक दृष्टिबाधित व्यक्तियों को सरकारी नौकरियाँ और अनेक अन्य को स्वरोजगार प्राप्त करने में सफलता मिली है।” इसके पश्चात कम दृष्टिवाले और पूर्णतः दृष्टिहीन बच्चों द्वारा “केन डांस” प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने व्हाइट केन के महत्व को भावनात्मक तरीके से प्रदर्शित किया।

प्रशिक्षक अभिषेक शुक्ला ने मेट्रो में दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं — जैसे कि ब्रेल लिपि में साइड बोर्ड्स, ऑडियो अनाउंसमेंट, सहायता केंद्र आदि — की जानकारी दी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए मेट्रो प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

प्रशिक्षिका अश्विनी टेंभुर्णे ने सुझाव दिए कि भविष्य में लिफ्ट के पास बीपिंग साउंड, कार्ड स्कैनिंग के समय वॉइस फीडबैक, और ऑडियो गाइड्स जैसी सुविधाएँ दृष्टिबाधितों के लिए यात्रा को और अधिक सुगम बना सकती हैं।

मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर निलेश भट और आदित्य चिमूरकर ने “गाइड टेक्निक” का प्रदर्शन करते हुए मेट्रो कर्मचारियों को यह सिखाया कि दृष्टिबाधित यात्रियों की सहायता सही तरीके से कैसे की जानी चाहिए।

इस मौके पर मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रीमती जिज्ञासा चवलढाल को “नागपुर की हेलेन केलर” की उपाधि से सम्मानित किया और मेट्रो में भविष्य में और अधिक सुधार लाने का आश्वासन दिया। अपने संबोधन में जिज्ञासा चवलढाल ने कहा, “समाज हमें बहुत कुछ देता है, इसलिए हमें भी समाज के लिए कुछ योगदान देना चाहिए।” कार्यक्रम के समापन पर, आत्मदीपम के दृष्टिबाधित लाभार्थियों ने मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से आए लगभग 40 मेट्रो कर्मचारियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया।

इस कार्यक्रम में महा मेट्रो की ओर से श्री अखिलेश हळवे, उमेश्वरी हेडाऊ, गौरव शेंडे तथा आत्मदीपम सोसायटी की ओर से योगेश्वर चवलढाल, जयंत गुळकरी, गीतांजली केळकर, प्रिया काहाडे, मनिषा बेन्डे और संस्था का स्टाफ उपस्थित था।


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