– ग्रामीण आरटीओ और पारशिवनी के भूमि अभिलेख कार्यालय में कार्रवाई
नागपुर :- सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए आरटीओ एजेंट और भूमि अभिलेख विभाग के सर्वेयर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। नागपुर में आरटीओ की कार्रवाई से वाहनों को बचाने के लिए नंबर आरटीओ की ‘सूची’ में शामिल कराने के नाम पर 1 लाख 68 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले एजेंट को 50 हजार रुपये लेते पकड़ा गया। वहीं, पारशिवनी में भूमि अभिलेख संबंधी काम के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते सर्वेअर को गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में एसीबी की कार्रवाई से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया।

आरटीओ एजेंट ने मांगी थी 1.68 लाख की रिश्वत
नागपुर में गिरफ्तार आरोपी की पहचान रतन हाइट्स अपार्टमेंट, मेडिकल चौक,नागपुर निवासी संजय पुरुषोत्तम कातुरे (43) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ जरीपटका थाने में मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हैं और अपनी 10 तथा मित्रों की 9 गाड़ियों का संचालन करते हैं। इन वाहनों पर आरटीओ की कार्रवाई न हो, इसके लिए कातुरे ने वाहन नंबर आरटीओ की सूची में शामिल करने के नाम पर 1 लाख 68 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसमें सात वाहनों के लिए प्रति वाहन 6 हजार रुपये और 12 वाहनों के लिए प्रति वाहन 10 हजार 500 रुपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, कातुरे को पहले ही फोन-पे के माध्यम से 53 हजार रुपये दिए जा चुके थे। शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। गुरुवार को शिकायतकर्ता ग्रामीण आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित कातुरे के कार्यालय पहुंचा। पूछताछ के दौरान कातुरे ने 53 हजार रुपये पहले लेने की बात स्वीकार करते हुए बकाया 1 लाख 23 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया। कातुरे ने अपने कार्यालय में जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पारशिवनी में सर्वेअर 25 हजार लेते गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई पारशिवनी स्थित उप अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय में की गई। यहां एसीबी की टीम ने भूमि अभिलेख विभाग के सर्वेयर (भूमापक) विशाल माडगीकर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता से काम कराने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मांग की पुष्टि की और गुरुवार शाम करीब 6.15 बजे जाल बिछाया। जैसे ही विशाल माडगीकर ने 25 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी सर्वेअर को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उससे पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। सरकारी कार्यालय में हुई इस अचानक कार्रवाई से तहसील के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।





