– नेपाल बाढ़: रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला, सुरंग में और भी फंसे होने की आशंका
काठमांडू :- नेपाल में आई भीषण बाढ़ के करीब 10 दिन बाद त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाला गया। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू टीम ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है।
बाढ़ के बाद सुरंग में 42 कर्मचारियों और मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। दो मजदूरों के जिंदा मिलने के बाद सुरंग में फंसे अन्य लोगों को लेकर भी उम्मीद जगी है। बचाव दल अब सुरंग के भीतर व्यापक तलाशी अभियान चला रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर से इंसानी आवाज सुनाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग के भीतर दाखिल हुईं और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया।

चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद
नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में शवों की बरामदगी और लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। चितवन जिले में सबसे अधिक शव बरामद किए गए हैं। अब तक बरामद शवों में से 95 की पहचान की जा चुकी है। प्रशासन और बचाव दल लापता लोगों की तलाश के साथ ही बरामद शवों की पहचान करने और उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।
भारत ने भेजी राहत सामग्री की नई खेप
भारत के छठे और सातवें राहत विमान गुरुवार रात काठमांडू पहुंचे। दोनों C-130J विमानों के जरिए कुल 21.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई। इसमें फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण भी शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि यह सहायता रसुवा में आई फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल के राहत एवं बचाव प्रयासों के लिए भारत के लगातार जारी सहयोग का हिस्सा है। बाढ़ के बाद नेपाल में अब तक 5,300 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी है। वहीं, 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत और बचाव दलों ने 12,038 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है।



