– टाइगर रिजर्व ताड़ोबा समेत पेंच-उमरेड में भी जंगल सफारी शुरू
नागपुर :- तीन महीने के मानसून अवकाश के बाद विदर्भ के टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। गुरुवार को नए सफारी सत्र के पहले दिन ताड़ोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व, पेंच टाइगर रिजर्व और उमरेड-पवनी-करांडला वन्यजीव अभयारण्य में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
ताड़ोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पहले दिन 100 सफारी वाहनों के माध्यम से 564 पर्यटकों ने जंगल की सैर की। इनमें चार विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। मानसून के दौरान 30 जून से 30 सितंबर तक ताड़ोबा का कोर क्षेत्र पर्यटकों के लिए बंद था, जबकि बफर क्षेत्र में सफारी जारी रही।
मोहरली प्रवेश द्वार पर नए सफारी सत्र का शुभारंभ उप वनसंरक्षक (कोर क्षेत्र) आनंद रेड्डी ने किया। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। पर्यटक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर जंगल में रवाना किया गया।
जंगलों में छाई घनी हरियाली, जलस्रोत भी लबालब
मानसून के बाद ताड़ोबा का जंगल हरियाली से भर गया है। जलस्रोत पानी से लबालब हैं और बांस के जंगल तथा घास के मैदान भी हरे-भरे नजर आ रहे हैं। सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ और भालू सहित विभिन्न वन्यजीवों के दर्शन हुए।
पेंच और उमरेड-पवनी-करांडला में भी पहले दिन पर्यटकों में खासा उत्साह रहा। वन विभाग के अनुसार, दोनों क्षेत्रों के 10 प्रवेश द्वारों से पर्यटकों ने सफारी की। पेंच के खुरसापार प्रवेश द्वार पर पर्यटकों को बाघिन बिंदू का एक शावक दिखाई दिया। वहीं, उमरेड-पवनी-करांडला के गोठणगांव क्षेत्र में तेंदुए के दर्शन हुए। मानसून अवकाश समाप्त होने के साथ ही विदर्भ के वन्यजीव पर्यटन स्थलों पर फिर से रौनक लौट आई है। जंगलों में हरियाली और वन्यजीवों की सक्रियता के बीच पर्यटक बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।








