भगवाननगर में बसों की आड़ में रातभर शराब पार्टी

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– सार्वजनिक जगहों पर शराबियों का कब्जा — पुलिस गश्त नदारद, नागरिकों में भय का माहौल

 नागपुर :- एक ओर पुलिस डिंक एंड ड्राइव करने वालों पर लगाम कसने के लिए ऑपरेशन यूटर्न चला रही है. वहीं दूसरी ओर जगह-जगह शराबी खुले आम शराब का सेवन कर रहे हैं. सार्वजनिक ठिकानों पर शराब पार्टी करने वालों पर पुलिस लगाम कसने में असफल नजर आ रही है. यही हाल अजनी क्षेत्र के भगवाननगर का भी हो गया है. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि परिसर में खाली प्लॉट हैं. प्लॉट में 3 से 4 ट्रैवल्स बसें खड़ी रहती हैं. बसों की आड़ में यहां रोजाना रात के वक्त शराबियों का जमावड़ा लग जाता है. शराबी बेफिक्र होकर शराब का सेवन करते हैं. लोगों ने बताया कि परिसर में प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं लेकिन बसों के कारण शराबी कैमरों में नहीं आते. रोजाना हो रही शराब पार्टी के चलते स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल है. रात के वक्त महिलाएं घर से बाहर निकलने में भयभीत रहती हैं. पुलिस के गश्त के अभाव में शराबियों के हौसले बुलंद हो गए हैं.

लोगों का कहना है कि यदि प्लॉट पर बसें खड़ी नहीं रहे तो असामाजिक तत्व शराब का सेवन करते हुए सीसीटीवी में कैद हो सकते हैं. स्थानीय निवासियों ने परिसर में गश्त बढ़ाने और शराबियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि भगवाननगर में कई खाली प्लॉट हैं, जिनमें 3 से 4 ट्रैवल्स बसें नियमित रूप से खड़ी रहती हैं। इन्हीं बसों की आड़ में रोज़ाना रात के समय कुछ लोग इकट्ठा होकर शराब पार्टी करते हैं। रात के सन्नाटे में इनका शोरगुल और हुड़दंग न सिर्फ आस-पड़ोस के परिवारों को परेशान करता है, बल्कि इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। निवासियों का कहना है कि कई बार उन्होंने पुलिस को इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अजनी थाने के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में गश्त तो होती है, मगर शराबियों का अड्डा जस का तस बना हुआ है। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों पर तो कार्रवाई करती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों को अनदेखा किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों में बढ़ रही नाराज़गी

भगवाननगर में रहने वाले लोगों का कहना है कि रात के समय इन शराबियों से झगड़े और बदतमीजी की घटनाएँ भी बढ़ रही हैं। महिलाएँ और बुज़ुर्ग शाम के बाद बाहर निकलने से डरते हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने ऐसे तत्वों को समझाने की कोशिश की, मगर उन्हें धमकियाँ दी गईं। एक निवासी ने बताया — “हम पुलिस को कई बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। रोज़ रात को शराबियों का तांडव चलता है, अब डर है कि कहीं कोई बड़ी घटना न हो जाए।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और बसों के मालिकों को भी जवाबदेह ठहराया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएँगे।