मेट्रो की पटरियों पर देसी सूअर का आतंक सुरक्षा दीवार में बने गड्ढों से मिल रहा रास्ता

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– वन्यजीवों का मेट्रो क्षेत्र में दखल बढ़ा — पहले सियार, अब सुअर पहुंचा ट्रैक तक

नागपुर :- खापरी मेट्रो स्टेशन के ट्रैक पर सोमवार की सुबह कथित जंगली सुअर के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस घटना की सूचना वन विभाग के सेमिनरी हिल्स स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर को भी दी गई. इसके चलते टीटीसी की रेस्क्यू टीम खापरी मेट्रो स्टेशन पहुंच गई, लेकिन वहां ट्रैक पर घूम रहा सुअर जंगली न होकर देसी होने का पता चला. मेट्रो स्टेशन पर मनपा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पहुंच गई थी. वहां देसी सुअर होने से मनपा की टीम ने आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया. जिसके बाद टीटीसी की टीम वापस लौट आई, लेकिन यह सुअर जंगली हो या देसी, अगर ये इसी तरह मेट्रो ट्रैक पर भटकने लगे तो किसी दिन दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता.

सूत्रों की मानें तो खापरी स्टेशन के पास पटरियों की दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनी है, लेकिन अधिकांश जगह दीवार के निचले हिस्से में जमीन की सतह पर प्राणियों ने गड्डे कर रखे हैं. इनसे होकर सुअर मेट्रो परिसर में प्रवेश कर रहे हैं. कई बार मेट्रो परिसर में सुअरों का झुंड घूमते भी देखा गया है. यह सुअर खामला इलाके के एक चर्चित पालक के बताए जाते हैं. उसने खामला से खापरी मेट्रो स्टेशन का मिहान की ओर का ट्रैक जमीन स्तर पर है. मिहान परिसर और आसपास की झुड़पी में वन्यप्राणियों के साथ ही तेंदुए की उपस्थिति भी अनेक बार दर्ज हुई है. कुछ दिनों पहले ही एक सायाल (वन्यजीव) मेट्रो स्टेशन के ऊपरी ट्रैक तक पहुंच गया था. इसीलिए स्टेशन के आगे मेट्रो ट्रैक की नियमित सर्चिग और परिसर की दीवारों के नीचे किसी तरह की गैप या गड्डा होने की स्थिति में उसे पाटने की जरूरत बताई जा रही है.

तक अनेक झुड़पी इलाकों में देसी सुअर पाल रखे हैं. संख्या अधिक होने से आसपास के इलाके के नागरिक भी परेशान हैं.

दीवारों की जांच शुरू, गड्ढे सील कर रोकेंगे जानवरों का प्रवेश

इस संबंध में संपर्क करने पर महामेट्रो के उपमहाप्रबंधक कार्पोरेट कम्युनिकेशन अखिलेश हलवे ने कहा कि सुबह की घटना को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने दोनों ओर की सुरक्षा दीवार का निरीक्षण कर कुछ जगह को बंद किया है. ट्रैक परिसर की ओर सुअर या अन्य प्राणियों को भीतर आने से रोका जा सके. आगे भी निरीक्षण जारी रखकर संभावित गड्ढे और स्थलों को पुरी तरह सील किया जाएगा.