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एंबुलेंस बनी मौत की डिलीवरी वैन

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<p><strong>&&num;8211&semi; छह राज्यों में बिकी 13 करोड़ की नकली दवाएं<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नई दिल्ली &colon;- <&sol;strong>देशभर में नकली दवाओं के नेटवर्क को लेकर ऐसा पर्दाफाश किया है जिसने फार्मा इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। यह खुलासा सिर्फ फर्जी दवाओं के कारोबार तक सीमित नहीं&comma; बल्कि करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन&comma; टैक्स चोरी और कई राज्यों में फैले एक संगठित गिरोह का चौंकाने वाला चित्र पेश करता है। जांच में सामने आया है कि हरियाणा के पानीपत की फर्म &OpenCurlyQuote;साईं फार्मा’ के बैंक खाते से 13 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है &&num;8211&semi; वो भी बिना किसी टैक्स या जीएसटी रिटर्न के। यह पैसा नकली दवाओं की सप्लाई के जरिये कमाया गया था&comma; जो उत्तराखंड&comma; उत्तर प्रदेश&comma; राजस्थान&comma; पंजाब&comma; हरियाणा और अन्य राज्यों तक फैली थी। जांच की शुरुआत जून महीने में हुई थी&comma; जब सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया से संतोष कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से नामी कंपनियों के फर्जी रैपर&comma; आउटर बॉक्स और क्यूआर कोड बरामद हुए। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी&comma; यह पता चला कि इस नेटवर्क की डोर नवीन बंसल&comma; प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति डावर &lpar;पानीपत निवासी&rpar; के हाथों में थी। प्रदीप कुमार ने अपनी पत्नी श्रुति के नाम पर &OpenCurlyQuote;साईं फार्मा’ नाम की कंपनी बनाई&comma; जो असल में सिर्फ कागजों पर मौजूद थी। जांच टीम जब फर्म के पते पर पहुंची&comma; तो वहां कोई कंपनी नहीं मिली। यही फर्म नकली दवाओं के निर्माण और सप्लाई की आड़ में पूरे गिरोह का केंद्र बिंदु बनी हुई थी।<&sol;p>&NewLine;

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