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गर्मी बढते ही अस्पतालों की ओपीडी में बढ़े मरीज

– लू, एलर्जी और आंखों के संक्रमण के मामले ज्यादा

नागपुर :- गर्मी का मौसम शुरू होते ही अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। तापमान बढ़ने के साथ ही लू, डिहाइड्रेशन, डायरिया, वायरल बुखार के साथ त्वचा और आंखों से जुड़ी बीमारियां तेजी से सामने आने लगती हैं। तेज धूप, गर्म हवा, पसीना और धूल के कारण एलर्जी, घमौरियां, फंगल इन्फेक्शन तथा कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार हर साल गर्मी के दिनों में अस्पतालों में मरीजों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जाती है। तापमान ज्यादा बढ़ने पर यह आंकड़ा 30 प्रतिशत तक पहुंचता है। मार्च की शुरुआत से ही मेयो व मेडिकल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। 20% से ज्यादा इजाफा हुआ है : शहर में गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार मार्च की शुरुआत से ही धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। लू, डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, डायरिया, त्वचा एलर्जी और आंखों के संक्रमण के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा असर त्वचा और आंखों पर पड़ता है। तेज धूप, पसीना और धूल के कारण घमौरियां, फंगल इन्फेक्शन, सनबर्न और कंजंक्टिवाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। पिछले साल की तुलना में अब तक ओपीडी में मरीजों की संख्या करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। आने वाले दिनों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है तो मरीजों की संख्या 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

मेडिकल में सामान्य दिनों की ओपीडी औसत 3000 है। वर्तमान में यह संख्या 3500 तक पहुंच चुकी हैं। वहीं मेयो की सामान्य दिनों की ओपीडी 2200 है। यह संख्या बढ़कर 2500 के उपर पहुंच चुकी है। सबसे ज्यादा मरीज त्वचा, नेत्र और गैस्ट्रो से जुड़ी बीमारियों के आ रहे हैं। गर्मी में दिनों लू यानी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, डायरिया, घमौरियां, सनबर्न, फंगल इन्फेक्शन, त्वचा एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस, ड्राई आई. एलर्जिक आई इंफेक्शन आदि का समावेश होता है।

बच्चों व बुजुर्गों को सतर्क रहने की आवश्यकता

बालरोग विशेषज्ञ व मेडिकल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने बताया कि गर्मियों में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। गर्मी में पसीना और धूल के कारण त्वचा एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन का खतरा होता हैं। इसलिए त्वचा को साफ और सूखा रखना चाहिए। गर्म हवा और धूल के कारण आंखों में संक्रमण और ड्राई आई की समस्या बढ़ती है। बाहर निकलते समय चश्मा लगाना और आंखों को साफ रखना जरूरी है। गर्मी में सबसे ज्यादा खतरा डिहाइड्रेशन और लू का होता है। शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए।


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