– करोड़ों खर्च के बावजूद अधूरा कायाकल्प, अब 50 करोड़ के नए डीपीआर की तैयारी
नागपुर :- शहर की पहचान और ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाले अंबाझरी तालाब का कायाकल्प अब नजर आने लगा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नौका विहार से अंबाझरी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की उम्मीद जगी है। लेकिन इसी के साथ शहर के अन्य प्रमुख तालाबों को लेकर सवाल भी खड़ा हो गया है। अंबाझरी की तरह गांधी सागर, फुटाला, सोनेगांव, लेंडी और सक्करदरा तालाबों की बारी कब आएगी?
शहरवासियों का कहना है कि इन तालाबों के सौंदर्यीकरण पर वर्षों से योजनाएं और घोषणाएं होती रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च भी किए गए, लेकिन कई परियोजनाएं अधूरी रह गईं। ऐसे में सवाल अब केवल बजट का नहीं, बल्कि योजनाओं को समय पर पूरा करने की इच्छाशक्ति का भी है। भोसलेकालीन शुक्रवारी तालाब यानी गांधी सागर के सौंदर्यीकरण की कवायद पिछले करीब तीन दशकों से जारी है। वर्ष 2021 में मनपा ने नए सिरे से सौंदर्यीकरण का काम शुरू किया था। पहले चरण का काम पिछले साल पूरा हुआ, लेकिन इसमें भी तालाब के करीब आधे हिस्से का ही काम हो सका।
पहले चरण में खर्च हुए 49 करोड़:
सौंदर्यीकरण के पहले चरण पर करीब 49 करोड़ रुपये खर्च किये गये। इसमें तालाब से गाद निकालना, उसकी गहराई बढ़ाना, पूर्व और उत्तर दिशा में सुरक्षा दीवार का निर्माण तथा कुछ हिस्सों का सौंदर्यीकरण शामिल था। इसके बावजूद तालाब और आसपास का परिसर पूरी तरह विकसित नहीं हो सका है।
6 करोड़ का म्यूजिकल फाउंटेन प्रस्तावित:
फुटाला तालाब की तर्ज पर गांधी सागर में भी म्यूजिकल फाउंटेन लगाने का प्रस्ताव मनपा के विद्युत विभाग ने तैयार किया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अमल होना बाकी है।
करोड़ों की ‘खाऊ गली’ बदहाल
रमन साइंस सेंटर के सामने तालाब के पश्चिमी हिस्से में बड़े तामझाम के साथ ‘खाऊ गली’ यानी फूड स्ट्रीट शुरू की गई थी। इसके लिए हट्स और स्टेडियमनुमा सीढ़ियां बनाई गई थीं। इस पर भी लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन वर्तमान में पूरा परिसर बदहाल नजर आ रहा है। जगह-जगह झाड़ियां उग आई हैं और पहले किये गये विकास कार्यों की हालत भी खराब हो रही है।
45 से 50 करोड़ का नया डीपीआर:
अब प्रशासन की ओर से करीब 45 से 50 करोड़ रुपये का नया विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। इसके तहत खाऊ गली का कायाकल्प, सुभाष रोड स्थित बालसदन परिसर में ऑडिटोरियम और दर्शक दीर्घा का निर्माण तथा रमन साइंस सेंटर के पास पार्किंग की व्यवस्था करने की योजना है।
नौका विहार की घोषणा, लेकिन नाव अब तक नहीं
गांधी सागर में नौका विहार शुरू करने की घोषणाएं कई वर्ष पहले की गई थीं। हालांकि, यह योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। इसके चलते नागरिकों में नाराजगी है कि जब अंबाझरी में नौका विहार शुरू हो सकता है, तो गांधी सागर में वर्षों से लंबित यह योजना कब पूरी होगी।
राजनीतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र :
गांधी सागर का क्षेत्र ऐतिहासिक होने के साथ-साथ शहर के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक केंद्रों में भी शामिल है। इसके आसपास भाजपा और कांग्रेस के शहर मुख्यालय स्थित हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय भी इसी क्षेत्र के करीब है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का निवास और विधायक प्रवीण दटके का आवास भी परिसर के आसपास है। इसके बावजूद गांधी सागर का अपेक्षित विकास न होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।





