नागपुर :- नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक के बैंक खातों की जानकारी और दस्तावेज हासिल कर उनका साइबर ठगी व सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चलने के बाद पीड़ित ने सीताबर्डी पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने गोधनी, मानकापुर निवासी गौरव गजभिए के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
विश्वकर्मा नगर निवासी पंकज सुदाम नट (28) स्विगी में राइडर का काम करता है। उसकी शिकायत के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले पड़ोस में रहने वाले राकेश सोनवणे ने उसे एक कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। राकेश ने बताया कि कंपनी में आईटी क्षेत्र के युवाओं की आवश्यकता है और एक वर्ष तक कार्यालय में काम करने पर 10 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इसके लिए पंकज के नाम पर जीएसटी नंबर जरूरी होने की बात कही गई। इसके बाद राकेश ने पंकज की मुलाकात गौरव गजभिए से कराई। गौरव ने दावा किया कि धरमपेठ के लक्ष्मीभवन चौक स्थित लक्ष्मी अपार्टमेंट में उसकी ‘बिचक्वेरी इन्वेशन’ नामक कंपनी है और जितेंद्र बनसोड उसका पार्टनर है। गौरव ने पंकज से बैंक खाता खोलने के लिए कहा। पंकज का किंग्सवे स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में पहले से खाता था। गौरव ने उससे एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक समेत बैंक खाते से जुड़े सभी दस्तावेज अपने पास ले लिए। इसके बाद उसके खाते में संदिग्ध लेन-देन होने लगे और बाद में खाता बंद हो गया। इसके बाद पंकज ने शंकर नगर चौक स्थित एस बैंक में नया खाता खोला। आरोप है कि गौरव ने इस खाते की पूरी किट और नया सिम कार्ड भी अपने पास ले लिया। इसके बदले वह पंकज को करीब आठ महीने तक हर महीने 10 हजार रुपये देता रहा। बाद में पंकज को जानकारी मिली कि उसके बैंक खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी और सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन के लिए किया जा रहा है। इसके बाद उसने सीताबर्डी पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने गौरव गजभिए के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।





