– नौ दिन बाद दूसरे की बच्ची चुराई, जमानत पर रिहा
नागपुर :- तहसील पुलिस थाना क्षेत्र के डागा शासकीय स्मृति स्त्री अस्पताल से नवजात बच्ची के चोरी होने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला के नवजात बच्चे की 11 अगस्त को मौत हो गई थी। इस सदमे के बाद वह करीब नौ दिनों तक अपने मृत बच्चे की तलाश में मेयो और डागा अस्पताल के आसपास घूमती रही। इसी दौरान उसने एक अन्य महिला की नवजात बच्ची को पांच हजार रुपये का लालच देकर टीकाकरण के बहाने अपने साथ ले गई।
पुलिस ने कुछ ही घंटों में नवजात बालिका को यशोधरा नगर के टिपू सुलतान चौक स्थित एक घर से सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में आशियाना अंजुम सैयद अल्ताफ (29) को हिरासत में लिया गया।
आरोपी मूल रूप से छत्रपति संभाजी नगर की रहने वाली बताई गई है। वह गर्भवती होने के कारण मायके आई थी और उसने 3 अगस्त को एक नवजात बच्ची को जन्म दिया था। पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त को बच्ची की मौत हो गई, जिसके बाद वह मानसिक तनाव में थी। आशियाना रोजाना मेयो और डागा अस्पताल के आसपास घूमती थी। इसी दौरान उसे प्रभा पाठराबे की नवजात बच्ची दिखाई दी। उसने बच्ची की दादी को पांच हजार रुपये देने का लालच दिया और टीकाकरण के लिए ले जाने की बात कहकर बच्ची को अपने साथ लेकर फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। बच्ची के यशोधरा नगर में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने एक घर में छापा मारकर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
ऑटो से कूदने का प्रयास :
बच्ची को अपने घर लाने के बाद आशियाना अपने छोटे भाई के साथ पारडी क्षेत्र के एचबी टाउन गई थी। इसी दौरान उसे पुलिस के घर पहुंचने की जानकारी मिली। एचबी टाउन के सामने से ऑटो रिक्शा से लौटते समय उसने अचानक वाहन से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गई। पुलिसकर्मियों ने उसे ऑटो से मेयो अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया।
24 घंटे के भीतर जमानत:
उपचार के बाद तहसील पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया। शनिवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 24 घंटे के भीतर जमानत दे दी।





