– सरकार ने दी अंतिम चेतावनी
मुंबई :- ई-केवाईसी’ प्रक्रिया के तहत पहचान की पुष्टि के साथ ही निजी जानकारी डिजिटल रूप में ली जाती है. लाभार्थी महिलाएं अपने मोबाइल फोन से ही चंद मिनटों में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं.
सरकार ने सितंबर में इस योजना के लिए ‘ई-केवाईसी’ को अनिवार्य किया था, जिससे लाभार्थियों को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने का समय मिला. इस संबंध में एक सरकारी प्रस्ताव भी जारी किया गया था. पिछले साल जुलाई में शुरु की गई इस प्रमुख योजना के वर्तमान में 2.3 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं. राज्य सरकार ने लाड़ली बहन योजना के सभी लाभार्थियों से 18 नवंबर तक ‘ई-केवाईसी’ प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लाभार्थी इस तारीख तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उनके खातों में योजना की आगामी किस्तों का भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अब भी बड़ी संख्या में महिलाएँ ऐसी हैं जिन्होंने ‘ई-केवाईसी’ प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इन महिलाओं को लाभ का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को सक्रिय किया गया है। वार्ड स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि सभी पात्र महिलाओं की केवाईसी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग ने कहा है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साथ लानी होगी। जिनके बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई का सामना
अधिकारियों के मुताबिक, लाड़ली बहन योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। विभाग ने यह भी बताया कि यदि किसी महिला को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई हो रही है, तो वह निकटतम ई-मित्र केंद्र, जनसेवा केंद्र या पंचायत कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी करवा सकती है। सरकार ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे अंतिम तारीख 18 नवंबर से पहले अपनी ई-केवाईसी जरूर पूरी करें, ताकि उन्हें योजना के लाभों में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।




