spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

बिलासपुर ट्रेन हादसा, लोको पायलेट पायलट 11 की मौत

– 20 लोग गंभीर रूप से घायल, बोगियों को काटकर निकाला शव

रायपुर :- बिलासपुर और गतौरा स्टेशन के बीच कोरबा रूट पर मंगलवार को करीब 4 बजे के लाल खदान के पास चलती मालगाड़ी के पीछे से गेवरा रोड बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। हादसे में 11 यात्रियों की मौत एवं 20 यात्री घायल हुए है। रेल प्रशासन के मुताबिक करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मालगाड़ी और मेमू लोकल गेवरा रोड से बिलासपुर आ रही थी। बिलासपुर रेलवे स्टेशन के करीब 12 किमी दूर लाल खदान के पास दोनों गाड़ी एक ही ट्रैक पर आ गई और मालगाड़ी के आखिरी डिब्बे में मेमू लोकल का इंजन चढ़ गया। कई डिब्बे क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद यात्रियों के बीच चीख पुकार मच गई। हादसे में ओवरहेड वायर और सिग्नल सिस्टम को नुकसान पहुंचा है, जिससे बहाली में समय लग सकता है।

तखतपुर के यात्री देवकुमार धुरी ने बताया कि कोटमीसुनार से बिलासपुर जाने के लिए ट्रेन से आ रहा था। इस बीच गतौरा के पास ट्रेन में जोरदार धक्का लगा। बाहर झांककर देखा तो इंजन मालगाड़ी के डिब्बे के ऊपर चढ़ गया था। हम घबराकर अपना सामान लेकर नीचे कूद गए और फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। हादसे में 20 से 25 लोग घायल हुए हैं।

हादसे में रेस्क्यू टीम ने केबिन में फंसे एक बच्चे का शव निकाला। केबिन तक पहुंचने में रेस्क्यू कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे में ट्रेन के कई डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ बच्चों को सीढ़ियों के सहारे सुरक्षित निकाला गया है। सुरक्षा कारणों से रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस और हीराकुंड एक्सप्रेस को रोक दिया गया है। वहीं कोतरलिया स्टेशन में साउथ बिहार एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें खड़ी रहीं। इसके चलते यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री प्लेटफार्म और कोचों में फंसे हुए हैं, जो बार-बार ट्रेन संचालन बहाल होने की जानकारी पूछ रहे हैं।

रेलवे की ‘लाचार’ हेल्पलाइन : हादसे की जगह टीबी अभियान का प्रचार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पास मंगलवार दोपहर हुए भीषण हादसे की खबर ने हर जगह यात्रियों और परिजनों का दिल दहला दिया है। उनका रोना-धोना जारी है, लेकिन यह साफ हो गया है कि रेल प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन पूरी तरह लाचार है। भारतीय रेलवे के हर जोन (डिवीजन) में अधिकारी छोटे-बड़े कामों में व्यस्त हैं। हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है। लेकिन, मुसीबत के समय में ज्यादातर वरिष्ठ रेल अधिकारी जानकारी देने से कतराते हैं। जनसंपर्क अधिकारी निराशा जताते हैं। मंगलवार दोपहर बिलासपुर के पास हुए भीषण हादसे के बाद यह बात फिर से साफ हो गई। हादसे की खबर सुनकर सदमे में आए यात्रियों के परिजन रेलवे द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर स्थिति जानने के लिए संपर्क करने लगे।

कई ट्रेनें प्रभावित, यात्री परेशान

रेलवे और जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने कई यात्रियों को बाहर निकाला है। रात 8 बजे तक पैसेंजर ट्रेन की बोगी को गैस कटर से काटकर अलग किया जा रहा है। बोगी में महिलाएं और बच्चे फंसे हैं, हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 5 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि दर्जनभर लोगों का इलाज रेलवे, सिम्स और अपोलो अस्पताल में चल रहा है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.