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नागपुर की प्यास बुझाने का बड़ा प्लान

– कन्हान-कोलार बैराज सहित 1,300 करोड़ की जलापूर्ति योजना तैयार

नागपुर :- नागपुर और आसपास के शहरों में बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए 1,300 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना तैयार की जा रही है। इसमें कन्हान-कोलार नदी पर 900 करोड़ रुपये की लागत से बैराज बनाने और पेंच बांध में नागपुर महानगरपालिका के हिस्से के शेष 35 एमएलडी पानी का उपयोग आसपास के शहरों के लिए करने की योजना शामिल है। दोनों परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए।

जलापूर्ति और जलसंवर्धन के उपायों की समीक्षा के लिए शनिवार (31 अक्टूबर) को नियोजन भवन में आयोजित बैठक में पालकमंत्री ने अधिकारियों को दीर्घकालीन योजना पर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री आशीष जयस्वाल, महापौर नीता ठाकरे, सांसद माया इवनाते, विधायक राजीव पोद्दार, संजय भेंडे, कृष्णा खोपड़े और प्रवीण दटके सहित मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कन्हान-कोलारबैराज के लिए 900 करोड़

नागपुर और आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कन्हान-कोलार नदी पर बैराज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मनपा और जलसंपदा विभाग को संयुक्त रूप से प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

35 एमएलडी पानी से आसपास के शहरों को राहत

पेंच बांध में नागपुर मनपा के हिस्से का शेष 35 एमएलडी पानी आसपास के तेजी से विकसित हो रहे शहरों की जलापूर्ति के लिए उपयोग करने की योजना है। इसके लिए एनएमआरडीए के माध्यम से 400 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई है। पालकमंत्री ने इस संबंध में आवश्यक योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

400 कुओं पर लगेंगे सौर पंप

शहर के 860 सार्वजनिक कुओं में से 400 पर महाराष्ट्र ऊर्जा विकास अभिकरण (मेडा) की मदद से सौर ऊर्जा आधारित दोहरी पंपिंग प्रणाली लगाई जाएगी। इस परियोजना पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे प्रतिदिन 20 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इसके अलावा, शहर के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधित पानी का पुन: उपयोग किया जाएगा। एसटीपी केंद्रों पर हाइड्रेंट लगाकर टैंकरों के माध्यम से उद्यानों और सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों को पानी दिया जाएगा। इससे पेयजल की बचत होगी।

75 कार वॉशिंग सेंटरों को नोटिस

मनपा आयुक्त ने बताया कि शहर के 293 कार वॉशिंग सेंटरों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से 75 केंद्रों को मनपा के नल के पानी का उपयोग करने पर नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे केंद्रों को वैकल्पिक जलस्रोतों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पालकमंत्री ने पानी की बर्बादी रोकने, व्यावसायिक गतिविधियों में जल उपयोग की सीमा तय करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

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