– मारी गईं 50,000 से ज्यादा मुर्गियां, फोड़े गए अंडे
मुंबई :- महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित नंदुरबार का नवापुर तालुका एक बार फिर बर्ड फ्लू की चपेट में आ गया है। पिछले दो दशकों में यह तीसरी बार है जब पॉल्ट्री फार्मों के लिए जाने जानेवाले नवापुर में बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आ रहे हैं। इससे पहले 2006 और 2021 में भी ऐसे मामले सामने आए थे, जब लाखों की संख्या में मुर्गियां मर गई थीं। बर्ड फ्लू एक पशुजनित रोग है जो आमतौर पर पक्षियों में फैलता है, लेकिन यह मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है। नंदुरबार जिले की कलेक्टर डॉ. मित्तली सेठी ने स्थिति की समीक्षा करने के लिए नवापुर का दौरा किया।
मुर्गियों को मारने का चल रहा अभियान
मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, नवापुर तालुका में मुर्गियों को मारने का अभियान चल रहा है। आदिवासी समुदाय बहुल नंदुरबार जिले में 38 मुर्गीपालन फार्म हैं, जिनमें से 27 नवापुर में स्थित हैं। डॉ. सेठी ने कहा कि नवापुर के एक पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू का पता चलने के बाद, हमने 25 टीमें गठित की हैं और 150 कर्मचारी वर्तमान में युद्धस्तर पर इसे नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं।
डॉ. सेठी ने कहा कि अब तक हमने 50,000 पक्षियों को मारा है और बड़ी संख्या में अंडे नष्ट कर दिए हैं। बड़ी मात्रा में मुर्गियों का चारा भी नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि यह बीमारी तेजी से फैलती है, इसलिए पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मुर्गी पालकों को मुर्गी खरीदने और बेचने से बचना चाहिए। डॉक्टर ने आसपास के नागरिकों से अपील की है कि हमारे कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। प्रशासन इस संकट पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, और हम नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छह फार्मों में 1.4 लाख मुर्गियों को मारा जाएगा। पोल्ट्री फार्मों और घरेलू हैचरी में पाली गई मुर्गियों के नमूने मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान को भेजे जा रहे थे। नवापुर में कुल पोल्ट्री पक्षियों की संख्या लगभग 10 लाख है। नवापुर पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष आरिफ बालेसरिया ने स्वीकार किया कि इस बीमारी के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है।