– मनपा चुनाव में भरी सफलता पर बोले पालकमंत्री
नागपुर :- राज्य के राजस्वमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि मुंबई समेत राज्य में हुए मनपा चुनाव में भाजपा की जीत लोगों के विकास और महायुति में भरोसे का वोट है. उन्होंने कहा कि यह वोट सिर्फ चुनाव का नतीजा नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और महायुति के नेतृतव में जताया गया पक्का भरोसा है.
मुंबई मनपा में भाजपा -शिवसेना महायुति को साफ बहुमत मिलने की उम्मीद है और शुरुआती रूझानों में महायुति को बड़ी बढ़त मिलती दिखी. इन रूझानों से मुंबई में ठाकरे गुट का 25 साल बाद राज खत्म हुआ है. केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और राज्य में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली सरकार ही महाराष्ट्र का तेजी से विकास कर सकती है. इसलिए, उन्होंने अनुमान लगाया कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन दो-तिहाई बहुमत और लगभग 51 प्रतिशत वोट शेयर के साथ मुंबई मनपा की सत्ता जीती. बावनकुले ने कहा कि लोगों ने नागपुर मनपा में भी विकास को प्राथमिकता दी है. देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी की विकास नीतियों पर भरोसा जताते हुए, नागपुर की जनता ने विकसित नागपुर के लिए वोट दिया है.
उन्होंने कहा कि शुरुआती तस्वीर यह है कि पूरे महाराष्ट्र्र में विकास को वोट मिल रहे हैं, भाजपा के पास दो-तिहाई से ज़्यादा बहुमत मिला है.
बावनकुले ने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र्र में कुल पार्षदों में से लगभग 51 प्रतिशत भाजपा और गठबंधन से होंगे और भजपा को दो-तिहाई से ज़्यादा बहुमत मिला. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के विकास के लिए एक ठोस विजन पेश किया है और एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर विकसित मुंबई के लिए लगातार कोशिशें की हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं की वजह से मुंबई को बहुत मदद मिली है.
उन्होंने कहा कि इन चुनावों की स्ट्रैटेजी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और खुद बावनकुले ने तालमेल से बनाई थी. उन्होंने कहा कि भाजपा की गाड़ी सौ की स्पीड से आगे बढ़ी क्योंकि सरकार के विकास योजना और संगठन की ताकत के दो पहिए एक साथ घूम रहे थे. हालांकि, लातूर में कुछ नुकसान हुआ और वहां कांग्रेस ने बढ़त बना ली है. उन्होंने यह भी साफ किया कि उस नतीजे का पूरी तरह रिव्यू किया जाएगा.
इवीएम पर सवाल उठाने वाले ठाकरे भाइयों की आलोचना करते हुए बावनकुले ने कहा कि लोग इस बात से सहमत नहीं हैं कि जहां उनके उम्मीदवार जीतते हैं वहां इवीएम सही है और जहां भाजपा जीतती है वहां मशीनों पर सवाल उठाए जाते हैं. लोग विकास को ज़रूरी मानते हैं. उन्होंने पक्का यकीन जताया कि अब से महाराष्ट्र में सिर्फ विकास के मुद्दे पर ही राजनीति होगी.




