– रिकाउंटिंग से क्यों डर रहा प्रशासन? ईवीएम गड़बड़ी पर कांग्रेस का बड़ा आरोप
नागपुर :- कामठी नगर परिषद के चुनाव परिणामों ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. महज 1०3 वोटों केअंतर से पराजित घोषित किए गए कांग्रेस के नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार, पूर्व नगराध्यक्ष व प्रदेश कांग्रेस महासचिव अब्दुल शकूर नागानी ने प्रशासन और सत्ता पक्ष पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए परिणामों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.शकूर नागानी ने स्पष्ट किया है कि वे इस चुनावी गड़बड़ी के खिलाफ न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगेे.नागानी ने कहा कि, एजेंटों के आंकड़ों में हम 4० वोटों से आगे थे. मतगणना के दौरान हुए घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए शकूर नागानी ने कहा कि उनके एजेंटों द्वारा किए गए टैली के अनुसार कांग्रेस 4० वोटों से जीत रही थी. उन्होंने कहा, सुबह से ही ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी देखी गई, कई मशीनें ब्लैक हो रही थीं. जब हमने पारदर्शिता के लिए रिकाउंटिंग (पुनर्मतगणना) की मांग की और उसका शुल्क भरने की भी पेशकश की, तो प्रशासन ने बिना किसी ठोस कारण के हमारे आवेदन को निरस्त कर दिया. आखिर प्रशासन रिकाउंटिंग से क्यों डर रहा था?. शकूर नागानी ने भाजपा पर तीखे प्रहार करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया. आरोप है कि चुनाव के दौरान विशेष कैंप बनाकर बड़े पैमाने पर बोगस वोटिंग कराई गई. सत्ता पक्ष ने धन और शक्ति का दुरुपयोग कर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया. नागानी ने मशीनों की बैटरी और उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं.
बोगस वोटिंग और सत्ता का दुरुपयोग
हार के बावजूद नागानी ने उन मतदाताओं का आभार व्यक्त किया जो घंटों कतार में लगकर वोट देने आए. उन्होंने स्टार प्रचारक इमरान प्रतापगढ़ी, राज बब्बर, आरिफ नसीम खान के साथ-साथ स्थानीय नेता सुनील केदार और सांसद श्यामकुमार बर्वे को भी धन्यवाद दिया. भले ही चुनाव अधिकारी के रिकॉर्ड में हम हार गए हों, लेकिन जनता के दिलों में हमारी जीत हुई है. नगर परिषद में कांग्रेस अब एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष को झुकने पर मजबूर करेगी, ऐसा नागानी ने कहा है.




