– बुजुर्ग मतदाता कैसे पहुंचेंगे? दूर रखे गए मतदान केंद्रों से बढ़ी नाराजगी
नागपुर :- नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो चुका है. उम्मीदवार रैलियों और पर्चों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. वे इसके लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं. उनका मकसद अधिकतम वोट हासिल करना है. इसके लिए मतदाताओं का मतदान केंद्र पर जाकर वोट डालना जरूरी है. प्रशासन का दावा है कि वे मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर, इस साल मतदान केंद्र दो किलोमीटर की दूरी पर बनाए गए हैं. इसलिए मतदान प्रतिशत में वृद्धि को लेकर संदेह जताया जा रहा है और प्रशासन पर मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया जा रहा है. विपक्ष चुनाव प्रशासन के कामकाज पर आपत्ति जता रहा है.
विपक्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदान चोरी का आरोप लगाया है. उनके द्वारा पूछे गए सवालों पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने ‘यादा ध्यान नहीं दिया. वहीं दूसरी ओर, रा’य चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं. नगर निगम चुनावों में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगा था. यह मुद्दा विपक्ष और सत्ताधारी दोनों दलों ने उठाया था. अब ऐसा लगता है कि मतदान केंद्र के निर्धारण में भी बड़ी गड़बड़ी हुई है. मतदान केंद्र दो से ढाई किलोमीटर लंबा बताया गया है. इसलिए सवाल उठ रहा है कि आम मतदाता, विशेषकर बुजुर्ग मतदाता, इस केंद्र तक जाकर मतदान कैसे करेंगे. वार्ड 17 में चंद्रमणि नगर, श्रमजीवी नगर, रिपब्लिकन नगर, वसंत नगर, कैलाश नगर के मतदाताओं के लिए रेलवे मेन्स स्कूल मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है. यह केंद्र वास्तव में दो से ढाई किलोमीटर दूर है. स्थानीय मतदाताओं ने इस पर नाराजगी जताई है. यहां के एक मतदाता ने कहा कि मतदान केंद्र काफी दूर रखा गया है.
तदान केंद्र निर्धारण में गड़बड़ी का आरोप
अब तक केंद्र आधे किलोमीटर के भीतर ही था. उन्होंने कहा कि यह लोगों को मतदान करने से रोकने का एक तरीका है. नगर निगम ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि मतदान प्रतिशत न बढ़े. इससे पहले भी ऐसी खबरें आई थीं कि विपक्षी दल के मतदाताओं को सीधे तौर पर मतदान करने से रोका जा रहा है. एक मतदाता ने कहा कि, यह अप्रत्यक्ष रूप से उसी तरह की स्थिति है. एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के इशारे पर मतदान केंद्र तय किया गया है.




