– “शिक्षण संस्थानों का राजनीतिकरण” — युवा कांग्रेस ने मांगी कानूनी कार्रवाई
अमरावती :-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में बडनेरा स्थित प्रो. राम मेघे इंजीनियरिंग कॉलेज में भाजपा पदाधिकारियों की एक बैठक हुई। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बैठक के लिए कॉलेज में छुट्टी दी गई थी। किसी शैक्षणिक संस्थान के परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना और छात्रों को शैक्षणिक नुकसान पहुँचाना नियमों का उल्लंघन है, यह दावा करते हुए युवा कांग्रेस ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज अमरावती के दौरे पर थे। यह बैठक आगामी स्थानीय निकाय और अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव की तैयारी के लिए आयोजित की गई थी। हालाँकि, यह बैठक पार्टी कार्यालय में नहीं, बल्कि विदर्भ युवा कल्याण समिति के प्रो. राम मेघे इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित की गई थी। इसी वजह से यह बैठक अब विवादों में घिर गई है।
अमरावती में सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में आयोजित भाजपा पदाधिकारियों की बैठक अब विवादों में घिर गई है। यह बैठक बडनेरा स्थित प्रो. राम मेघे इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित की गई थी, जिससे शैक्षणिक संस्थान के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस बैठक के लिए कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की छुट्टी घोषित की थी, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान हुआ।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी शैक्षणिक संस्थान के परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना शैक्षणिक संस्थान अधिनियम और आचार संहिता का उल्लंघन है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले में जांच कर कार्रवाई करे। उनका कहना है कि कॉलेज परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक या सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है, न कि राजनीतिक सभाओं के लिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने सत्ता पक्ष के दबाव में यह अनुमति दी।
इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज़ हो गई है, और विपक्ष इसे “शिक्षण संस्थानों का राजनीतिकरण” करार दे रहा है। वहीं भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि बैठक “संगठनात्मक और आंतरिक” थी, जिसका उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय चुनाव और अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना था। उनके अनुसार, कॉलेज परिसर विदर्भ युवा कल्याण समिति के अधीन है और वहाँ पर ऐसे कार्यक्रम पहले भी आयोजित होते रहे हैं।
प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट, जांच की संभावना
इस विवाद के बाद जिला प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन से प्रारंभिक रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार, अगर यह साबित होता है कि बैठक के लिए छात्रों को छुट्टी दी गई थी या शैक्षणिक कार्य प्रभावित हुए थे, तो कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। इस बीच, सोशल मीडिया पर छात्रों और नागरिकों ने भी कॉलेज परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नाराज़गी जताई है।




