– पद मिले या न मिले, संतुष्ट भाव से करें पार्टी का काम
नागपुर :- नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रा. अनिल सोले की बगावत के बाद पार्टी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले के सामने चुनौती खड़ी होने के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार रात महल स्थित अपने निवास पर पूर्व नगरसेवकों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की विचारधारा के प्रति निष्ठा रखते हुए काम करने और अधिकृत उम्मीदवार की जीत के लिए जुटने का आह्वान किया।
गडकरी ने कहा कि भाजपा में ऐसे कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या है, जो निस्वार्थ भाव से पार्टी के लिए काम करते हैं। राजनीतिक जीवन में कुछ लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का अवसर मिलता है, जबकि कुछ को नहीं मिल पाता। ऐसे में प्रत्येक कार्यकर्ता को संतुष्ट भाव से पार्टी का काम करते रहना चाहिए। उनके इस बयान को चुनाव के दौरान पार्टी में चल रही असंतुष्टि के संदर्भ में देखा जा रहा है।
अधिकृत उम्मीदवार के लिए काम करने की अपील
बैठक में गडकरी ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह का भ्रम न रखते हुए भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले की जीत के लिए काम करने को कहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य की देखभाल के उद्देश्य से दिवाली के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की जानकारी भी दी और सभी से स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की।
बैठक में भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, विधायक प्रवीण दटके, प्रा. गिरीश देशमुख, पूर्व महापौर अर्चना डेहनकर, चुनाव से नाम वापस लेने वाले एड. रमण सेनाड और मनपा के सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सोले के साथ कौन-कौन नेता?
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रा. अनिल सोले ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने सामान्य कार्यकर्ताओं के आग्रह पर उम्मीदवारी दाखिल की है। इस घटनाक्रम के बाद उनके समर्थन में खड़े नेताओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
सोले ने शुक्रवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने वाले पूर्व विधायक गिरीश व्यास के कार्यालय में अपना चुनाव संपर्क कार्यालय शुरू किया। इसके उद्घाटन के अवसर पर डॉ. गौरीशंकर पाराशर, गिरीश व्यास, पूर्व महापौर किशोर डोरले, पूर्व उप महापौर सुनील अग्रवाल और डॉ. रवींद्र भोयर, पूर्व नगरसेविका स्नेहल बिहारे, पूर्व नगरसेवक प्रभाकर येवले, महेंद्र राऊत, भोलानाथ सहारे, सांसद सांस्कृतिक महोत्सव समिति के कोषाध्यक्ष प्रा. राजेश बागडी, बालासाहब कुलकर्णी तथा शिक्षक संघ के देवराव मांडवकर और योगेश बन सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सोले अभी भी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव समिति के अध्यक्ष हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि समिति के कुछ पदाधिकारी भी उनके साथ हैं।








