नागपूर :- भारतीय कम्युनिस्ट पक्षाचे शताब्दी वर्ष आहे. भारतीय कम्युनिस्ट पक्षाचा देशाच्या स्वातंत्र्यासाठी, देशाच्या विकासासाठी आणि कामगार आणि शेतकऱ्यांच्या हक्कांसाठी लढण्याचा गौरवशाली इतिहास आहे. पत्रकार परिषदेमध्ये डॉ. युगल रायडू यांनी यासंदर्भात माहिती दिली.
-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी शताब्दी वर्ष २०२५ ! संघर्ष और त्याग के १०० वर्ष !! देश की आझादी से ..देश के विकास तक ।
भाइयों और बहनों,
यह वर्ष भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष है. देश की आजादी से लेकर देश के विकास और देश के कामगार-किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का सुनहरा इतिहास रहा है । देश की संसद में जब वाम दलों के 64 संसद चुन कर आये तब किसी मंत्री पड़ की मांग ना करते हुए कम्युनिस्टों नें चार महत्वपूर्ण कानून पारित करवाने की मांग की. सूचना का अधिकार, आदिवासी वण अधिकार, मनरेगा और शिक्षा का अधिकार जैसे लोक अधिकार वाले कानून वामपंथियों ने लाये.
आज की दक्षिण पंथी सरकार भारत के संविधान को नेस्तनाबूत कर के मनु स्मृति लागु करना चाहती है. फासीवादी प्रयत्नों के खिलाफ और संविधान के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का भव्य लाल झंडा मार्च दिनांक 26 नवम्बर को तय हुआ है. इस रैली में विदर्भ के हर जिल्हे से भा क पा सदस्य भाग लेंगे । यह मार्च सुबह 11 बजे पार्टी कार्यालय (गणेश पेठ) से शुरू हो कर चिटनिस पार्क तक जायेगा जहाँ यह एक विशाल आम सभा में तब्दील होगा । इस जन सभा को पार्टी राष्ट्रीय सचिव कॉ. डॉ. भालचंद्र कानगो और राज्य सचिव कॉ. शुभाष लांडे संबोधित करेंगे ।




