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शिक्षा विभाग में करोड़ों का तबादला घोटाला

– माध्यमिक शिक्षा अधिकारी कारेकर घिरे

पुणे :- पुणे माध्यमिक शिक्षा अधिकारी भाऊसाहेब कारेकर पर जनवरी 2024 से नवंबर 2025 की अवधि के दौरान कामकाज में गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप लगा है. कांग्रेस के पूर्व विपक्ष नेता विजय वडेट्टीवार ने इन आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ जांच की मांग की है. इस शिकायत के बाद माध्यमिक प्रशासन विभाग की शिक्षा उपसंचालक स्मिता गौड ने माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की शिक्षा उपसंचालक सुचिता पाटेकर को मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. वडेट्टीवार द्वारा शिक्षा आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार शिक्षा अधिकारी भाऊसाहेब कारेकर ने अतिरिक्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के समायोजन में नियमों का उल्लंघन किया है. आरोप है कि 15 मार्च 2023 के सरकार के निर्णय की अनदेखी कर कर्मचारियों से लाखों रुपये लेकर उनके तबादले किए गए. लगभग 100 से अधिक मामलों में इस तरह की अनियमितता पाई गई है. इसके अलावा, बिना अनुदानित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का नियम विरुद्ध तरीके से अनुदानित स्कूलों में तबादला कर सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है. इन तबादलों में 29 अप्रैल 2024 और 3 अक्टूबर 2024 के सरकारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए करीब 250 से अधिक मामलों में अवैध लेनदेन की बात कही गई है.

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि पुणे जिले के अल्पसंख्यक स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती को अवैध रूप से मान्यता देने के लिए प्रति कर्मचारी 5 लाख रुपये लिए गए हैं. कारेकर के कार्यकाल के दौरान ऐसी कुल 30 भर्तियों को नियम विरुद्ध तरीके से मंजूरी दी गई. आरोप है कि कार्यालय के कर्मचारी विराज खराटे ने संबंधित लाभार्थियों से करोड़ों रुपये की वसूली कर शिक्षा अधिकारी तक पहुंचाए. वडेट्टीवार ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय करने की मांग की है. जांच कर संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की गई है।

संबंधित शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली भ्रष्ट होने के कारण कई संस्थानों, स्कूलों और शिक्षक कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है. हम जल्द ही शिक्षक सेना की ओर से इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री से करेंगे और उनके खिलाफ तीव्र आंदोलन करेंगे.

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