– शहर में साइकिल चालकों के लिए सडक़ें नहीं
– आईटीडीपी इंडिया के सर्वेक्षण में कई खामियां
नागपुर :- नागपुर में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए साइकिल का उपयोग करते हैं, लेकिन शहर की सडक़ डिजाइन और यातायात व्यवस्था में साइकिल चालकों की जरूरतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है. आईटीडीपी इंडिया के हालिया अध्ययन में सामने आया है कि साइकिल ट्रैक और लेन के अभाव, खड़ी गाडिय़ों और अतिक्रमणों के कारण साइकिल चालकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
आईटीडीपी इंडिया ने नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में ‘हमारे शहरों में साइकिल चलाना’ शीर्षक से अध्ययन किया, जिसमें 6०5 साइकिल चालकों और गैर-साइकिल चालकों से जानकारी ली गई. अध्ययन में शहरों में 152 किलोमीटर से अधिक साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का मूल्यांकन किया गया.
शहर में साइकिल चालकों के लिए सबसे बड़ी बाधा साइकिल ट्रैक पर खड़ी गाडिय़ां (72 प्रश), फेरीवाले और अतिक्रमण (66 प्रश) और साइकिल ट्रैक पर मोटर वाहन (55 प्रश) रही. नागपुर में फिलहाल करीब 11 किलोमीटर साइकिल ट्रैक उपलब्ध हैं, जबकि पुणे में 91 किलोमीटर और पिंपरी-चिंचवड़ में 5० किलोमीटर हैं.
अध्ययन में यह भी सामने आया कि सडक़ों पर साइकिल चालकों की संख्या कम नजर आती है, लेकिन वास्तविकता में यह बड़ी है. रिंग रोड पर लगभग 16० साइकिल सवार, सेंट्रल एवेन्यू पर 148 और अमरावती रोड पर 138 साइकिल सवार दर्ज किए गए. कई बच्चों ने बताया कि तेज वाहनों के कारण उनके माता-पिता उन्हें साइकिल से स्कूल नहीं जाने देते.
महिला सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा है. 6०5 सर्वे में शामिल 16० महिला साइकिल चालकों में लगभग आधी ने तेज वाहनों और नियमों केपालन न होने को मुख्य बाधा बताया. 6० प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने खराब सडक़ और गड्ढों को सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंता माना. 87 प्रतिशत महिलाओं ने अलग और सुरक्षित साइकिल ट्रैक को प्राथमिकता दी.
साइकिल चालकों का अनुभव भी सामने आया कि डामर से बने ट्रैक कंक्रीट या पेवर ब्लॉक की तुलना में अधिक आरामदायक होते हैं. विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए, खासकर चौराहों पर, साइकिल ट्रैक और लेन का निरंतर निर्माण किया जाना चाहिए.
नागपुर में यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि शहर में साइकिलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि नागरिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बढ़ते परिवहन दबाव में भी साइकिल का उपयोग कर सकें.




