नागपुर :- नागपुर जिले के खापा थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पानी से भरी बाल्टी में डूबने से 11 महीने की मासूम बच्ची की मौत हो गई।
मृत बच्ची की पहचान संध्या मंजीत टेकाम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां सरोज कंपनी में काम पर गई हुई थीं, जबकि पिता मंजीत रात की ड्यूटी से सुबह करीब 8 बजे घर लौटकर विश्राम कर रहे थे।
सुबह के समय घर में पिता मंजीत और मासूम संध्या ही मौजूद थे। इसी दौरान खेलते-खेलते संध्या आंगन में रखी पानी से भरी प्लास्टिक की बाल्टी के पास पहुंच गई। वह बाल्टी में भरे पानी से खेल रही थी और झुककर उसमें देखने लगी। तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह बाल्टी में गिर गई और सिर नीचे व पैर ऊपर की स्थिति में फंस गई, जिससे उसका दम घुट गया।
सुबह करीब साढ़े 9 बजे जब मंजीत की नींद खुली, तो उन्होंने बच्ची को ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान संध्या को बाल्टी में गिरा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद कामगार और कंपनी प्रबंधक मौके पर पहुंचे। प्रबंधक ने तत्काल खापा पुलिस स्टेशन को सूचना दी।
बच्ची को तुरंत शासकीय अस्पताल सावनेर ले जाया गया, जहां से उसे आगे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज, नागपुर रेफर किया गया। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अपनी मासूम बच्ची को इस हालत में देखकर मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, उनका करुण क्रंदन सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।इस मामले की प्राथमिक जांच खापा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी किशोर भुजाडे के मार्गदर्शन में एएसआई विनोद पाटील और पुलिस सिपाही मनिराम नेवारे द्वारा की जा रही है। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना कंपनी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्ची की निगरानी में कौन था और सुरक्षा में कहां चूक हुई।
गौरतलब है कि इसी कंपनी परिसर में कुछ महीने पहले आग लगने की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद अब सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

