– विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार को घेरा, जांच की उठी मांग
नागपुर :- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर नागपुर के विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और पूर्व मंत्री नितिन राऊत ने अलग-अलग बयान जारी कर घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस मामले में राष्ट्रपति को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। देशमुख ने कहा कि दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की। देशमुख ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है और इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
लाठीचार्ज से युवाओं का रोष नहीं थमेगा :वडेट्टीवार
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बल प्रयोग से छात्रों का आक्रोश कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि युवाओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। वडेट्टीवार ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
दमन से नहीं दबेगी लोकतंत्र की आवाज : राऊत
पूर्व मंत्री नितिन राऊत ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन के दौरान उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। राऊत ने कहा कि सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और कांग्रेस उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी रहेगी।





