– सीएम के गृहजिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल
नागपुर :- नागपुर ग्रामीण क्षेत्र शनिवार सुबह दो सनसनीखेज वारदातों से कांप उठा। पहले एक रेत कारोबारी का शव कार से बरामद हुआ, तो दूसरी ओर अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े एसबीआई का पूरा एटीएम उखाड़कर ले जाने में सफलता हासिल की। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बना दिया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कारोबारी की संदिग्ध मौत
लाहोरी बार, पाटनसावंगी गेट के पास खड़ी एक कार से रेत व्यापारी सजन मिश्रा का शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई। वारदात की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
एटीएम पर चोरों का धावा
इसी दौरान दत्तनगर-चाणकापुर क्षेत्र में अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एसबीआई का एटीएम मशीन उखाड़ लिया। खापरखेड़ा पुलिस और ज़ोन-5 क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
दोनों घटनाएं अलग-अलग थानों के अधिकार क्षेत्र में हुईं, मगर पुलिस की प्रतिक्रिया और गश्त को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पुलिस गश्त नाम मात्र की होती है, जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। एक व्यापारी ने आक्रोश जताते हुए कहा, “जब कारोबारी की हत्या और एटीएम चोरी जैसी घटनाएं पुलिस की नाक के नीचे हो रही हैं, तो आखिर सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?”
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि ये घटनाएं उस जिले में हुई हैं, जो मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पालकमंत्री का गृहजिला है। ग्रामीणों और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि शीर्ष नेता केवल औपचारिक कार्यक्रमों और फोटो सेशन तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है।
विपक्ष ने तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने ही जिले में अपराध रोकने में नाकाम हैं, तो पूरे राज्य में जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
एक ही सुबह दो बड़ी घटनाओं ने नागपुर ग्रामीण इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब अपने व्यवसाय और जीवन को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस पर दबाव है कि वह जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करे, ताकि आमजन का भरोसा कानून-व्यवस्थापर बहाल हो सके।




