– छोटे दलों के नेता-मतदाता सक्रिय
नागपुर :- महाराष्ट्र में विधानपरिषद की 17 सीटों के लिए चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई ह. 3० मई से उम्मीदवारों के नामांकन दर्ज किये जाएंगे. 18 जून को मतदान होगा. इस चुनाव में अधिकतर मतदाता मनपा, नगरपरिषद या नगरपंचायत के नगरसेवक रहेंगे. लिहाजा छोटे दलों के नेता व मतदाता विशेष तौर पर सक्रिय हो गए है. चुनाव में बड़े पैमाने पर लेन-देन होते रहे हैं. इस बार भी लेनदेन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. ऐसे में प्रमुख दलों ने चुनाव को लेकर रणनीति गोपनीय रखी है.
महाविकास आघाडी के सामने चुनौती
राजनीति जानकारों के अनुसार लोकसभा चुनाव में मिली हार से उबर चुकी महायुति ने विधानसभा चुनावों के बाद स्थानीय निकाय संस्थाओं में भी जीत का परचम लहराया है। इससे विधान परिषद की स्थानीय निकाय संस्था निर्वाचन क्षेत्रों की राह महायुति के लिए आसान होती दिखाई दे रही है. राज्य की 17 सीटों पर 11 हजार से अधिक मतदाता हैं. इनमें महायुति के पास 7,462 जबकि महाविकास आघाड़ी के पास 2,०83 मतदाता हैं. ऐसे में महायुति की ओर से महाआघाड़ी के सामने कड़ी चुनौती रहने वाली है.
महायुति में शांति
राज्य की कुल राजनीतिक स्थिति और मतदाताओं के समीकरण को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महायुति के अधिक से अधिक उम्मीदवारों को विजयी बनाने पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं. महायुति में फिलहाल शांति दिखाई दे रही है, लेकिन चार-पांच सीटों पर तीनों दलों के दावों के कारण खींचतान होने की संभावना है. भाजपा नेतृत्व को भी इसका अंदाजा है. 17 सीटों के फॉर्मूले पर चर्चा होने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है. जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है.
दलवार मतदाता संख्या
भाजपा — 4,169
शिवसेना (शिंदे गुट) — 1,697
राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) — 1,596
कांग्रेस — 1,426
शिवसेना (ठाकरे गुट) — 355
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) — 3०2
निर्दलीयों का बढ़ेगा महत्व
ठाकरे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की तुलना में निर्दलीय सदस्यों की संख्या 568 ह. इसलिए कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में निर्दलीयों की अहमियत बढऩे के संकेत मिल रहे हैं। नागपुर सहित कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में निर्विरोध चुनाव कराने के प्रयास भाजपा की ओर से अभी से शुरू कर दिए गए हैं. इसका संकेत राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी दिया है। हालांकि कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी भाजपा की इस रणनीति को विफल करने की कोशिश कर सकती है. इसी कारण भाजपा ने अधिक से अधिक मत जुटाने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है.
आंकड़ों का विश्लेषण
भाजपा के प्रदेश कार्यालय सचिव संजय फांजे द्वारा संकलित यह आंकड़े पार्टी नेतृत्व को भेजे गए हैं. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर किस सीट पर किस दल को उम्मीदवार उतारना है, इसे लेकर बातचीत और सीट बंटवारे का फार्मूला तय किया जाएगा. हालांकि यह चुनाव कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के लिए कठिन माना जा रहा है, फिर भी तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धनद्य भी मतदाताओं के समीकरण का आकलन कर उसी दिशा में प्रयास कर रहे हैं. राज्य में बसपा के 19 और मनसे के 13 सदस्य हैं, जबकि अन्य दलों और निर्दलीयों की संख्या लगभग 924 बताई जा रही है. कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में 2 से 4 सदस्यों की संख्या कम होने की संभावना भी जताई जा रही है.