– चनें की सप्लाई के नाम पर 3.05 करोड़ की ठगी, तीन व्यापारी लकड़गंज पुलिस के रडार पर
नागपुर :- लकड़गंज थाना क्षेत्र में एक बड़े व्यापारी से धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। एक अनाज कारोबारी से करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपए की ठगी किए जाने का आरोप मुंबई के तीन व्यापारियों पर लगा है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर लकड़गंज पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्लॉट नंबर 4, पूर्व वर्धमानगर, कैणोदेवी चौक, लकड़गंज निवासी निखिल मनोहर भोजवानी (35), अनाज का कारोबार करते हैं। अगस्त 2025 में उनका संपर्क मुंबई निवासी तीन व्यापारियों से हुआ था। इन आरोपियों ने चने की बड़ी खेप सप्लाई करने का प्रस्ताव दिया और खुद को विश्वसनीय व्यापारी बताते हुए कारोबारी सौदा तय किया।
आरोपियों ने निखिल से रकम लेने के बाद चने की खेप नहीं भेजी। अंततः नागपुर के कारोबारी ने आरोपी उमर गुलाबसाहब शेख (निवासी छठवीं मंजिल, मित्तल चेंबर, नरीमन पॉइंट, मुंबई), शंकेश्वर सिंह (निवासी विरार वेस्ट, मुंबई) और विक्रम लालबहादुर सिंह (निवासी फ्लैट नंबर 502, विनय यूनिक, मुंजिभाई मेहता स्कूल के पास, विरार, मुंबई) निवासी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। लकड़गंज थाने के उपनिरीक्षक आदर्श भंडारे ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि इन तीनों ने मिलीभगत से निखिल भोजवानी से चने की खेप भेजने के नाम पर 3 करोड़ 5 लाख रुपए ले लिए। भुगतान मिलने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को कुछ फर्जी दस्तावेज भी भेजे, जिससे यह लगे कि माल रवाना कर दिया गया है, लेकिन लंबे समय तक चने की खेप नागपुर नहीं पहुंची।
लकड़गंज पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन और भेजे गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका और उनके नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जाएंगे। इस घटना के बाद नागपुर के व्यापारिक जगत में चिंता का माहौल है। कारोबारियों ने पुलिस से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर अंकुश लगाया जा सके। प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच पुलिस कर रही है।
दो माह तक टालमटोल के बाद 3 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर
जब कारोबारी निखिल ने बार-बार माल के बारे में पूछताछ की और बाद में पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। कभी तकनीकी दिक्कत तो कभी ट्रांसपोर्ट की समस्या का बहाना बनाकर समय टालते रहे। आखिरकार जब पीड़ित को दस्तावेजों के फर्जी होने और ठगी का एहसास हुआ, तब उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। 6 जनवरी 2026 को पीड़ित कारोबारी निखिल भोजवानी, क्राइम ब्रांच यूनिट-3 के पुलिस निरीक्षक महेश सागडे के साथ लकड़गंज थाने पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है।




