– मुख्यमंत्री फडणवीस ने की घोषणा
मुंबई / नागपुर :- राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार 30 जून 2026 से पहले सभी पात्र किसानों का कर्ज़ माफ कर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हर समस्या को गंभीरता से ले रही है और आने वाले दिनों में कृषि नीति में कई सुधार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में गुरुवार देर रात आयोजित बैठक में की। इस बैठक में प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और विधायक बच्चू कडू के नेतृत्व में आए किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। किसान संगठनों ने इस दौरान कर्जमाफी, बिजली बिल माफी, और फसल बीमा योजना में पारदर्शिता जैसी मांगें रखीं। फडणवीस ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्जमाफी की प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से पूरी की जाएगी ताकि किसी पात्र किसान को बाहर न रखा जाए। किसानों की समस्याओं को लेकर बच्चू कडू पिछले कुछ दिनों से नागपुर में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आंदोलन धीरे-धीरे पूरे विदर्भ क्षेत्र में फैलने लगा था।
कडू ने सरकार पर आरोप लगाया था कि पिछले कई वर्षों से किसानों को केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन जमीन पर राहत नहीं। इसी विरोध के चलते उन्होंने “महा एल्गार” आंदोलन का आह्वान किया था। हालाँकि, देर रात मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ हुई चर्चा के बाद आंदोलन को शांतिपूर्ण रूप से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने किसानों की कई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया और जल्द ठोस निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
नागपुर में किसानों के प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई थी। कई स्थानों पर रेल और सड़क मार्ग जाम हो गए थे, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस पर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने स्वतः संज्ञान लिया और बच्चू कडू को नोटिस जारी किया।
किसान संगठन की मुंबई में सीएम के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई
सुनवाई के दौरान बच्चू कडू ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि आंदोलन के दौरान रेल मार्ग नहीं रोका जाएगा और प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल किसानों की आवाज सरकार तक पहुँचाना है, जनता को असुविधा पहुँचाना नहीं। मुख्यमंत्री ने किसानों की मांगों को गंभीरता से सुना है। यदि सरकार ने तय समय में वादे पूरे किए तो यह किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। हम अब देखेंगे कि कर्जमाफी का वादा कब तक धरातल पर उतरता है।




