– कुत्ते नहीं पकड़ पा रही सरकार तेंदुए कैसे पकड़ेगी?”—जयंत पाटिल का तीखा सवाल
– कुत्तों–तेंदुओं के हमलों पर सियासत गर्म, जयंत पाटिल ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
नागपुर :- सरकार आम लोगों को काटने वाले श्वानों को नहीं पकड़ सकती, तो तेंदुओं को कैसे पकड़ेगी? राष्ट्रवादी शरद पवार पार्टी के नेता और विधायक जयंत पाटिल ने यह सवाल उठाया. जयंत पाटिल विधान भवन परिसर में बोल रहे थे.. राज्य में तेंदुए के हमले और आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं दो ऐसे मुद्दे हैं जिन पर चर्चा हो रही है. गुरुवार सुबह नागपुर नगर निगम का एक वाहन विधान भवन क्षेत्र में कुत्तों को पकडऩे आया था. हालांकि, नगर निगम के कर्मचारी कुत्तों को नहीं पकड़ पाए. इसी पृष्ठभूमि में, वरिष्ठ एनसीपी विधायक जयंत पाटिल ने गुरुवार को सरकार की कड़ी आलोचना की. विधान भवन परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह सरकार कुत्तों को नहीं पकड़ सकती, तो तेंदुओं को कैसे पकड़ेगी?’
विधानसभा परिसर में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते हैं. सत्र के पहले दिन विधायकों के स्वागत के लिए बिछाई गई लाल कालीन पर दो-तीन कुत्ते बेखौफ घूमते नजर आए. इसके अलावा, इलाके के अन्य क्षेत्रों में भी आवारा कुत्ते देखे गए हैं. कुत्ते के काटने और तेंदुए के हमले जैसी घटनाएं आजकल सुर्खियों में हैं. इसी पृष्ठभूमि में जयंत पाटिल ने सरकार की आलोचना की है. मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह नागपुर नगर निगम का एक वाहन विधानसभा क्षेत्र में कुत्तों को पकडऩे आया था. हालांकि, नगर निगम के कर्मचारी कुत्तों को पकड़ नहीं पाए और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. इसी सिलसिले में मीडियाकर्मियों ने जयंत पाटिल से सवाल पूछा. इस पर उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘यह सरकार कुत्तों को नहीं पकड़ सकती, तो तेंदुओं को कैसे पकड़ेगी?’
राज्य सरकार ने किसानों की मदद के लिए 32 सरकारी आदेश जारी किए हैं. बताया जा रहा है कि अब तक 21 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है. इस पर बोलते हुए जयंत पाटिल ने कहा, ‘सरकार चाहे जितना भी कहे, लोग संतुष्ट नहीं हैं. कई किसानों को अभी तक मदद नहीं मिली है. आखिरी किसान तक को भी मदद नहीं मिल रही है. चार दिन के सत्र से किसानों को न्याय नहीं मिल रहा है.’ उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनावों में हम महा विकास अघाड़ी के रूप में जहां भी संभव होगा, एकजुट होकर लड़ेंगे.




